पटना। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। बल ने पिछले 12 महीनों के दौरान अपने किसी भी जवान को नहीं खोया है, जिसे बड़ी सफलता माना जा रहा है। इस उपलब्धि को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल यूनाइटेड के नेताओं ने खुशी जाहिर की है। नेताओं ने इसे सीआरपीएफ की बेहतर रणनीति, आधुनिक तकनीक, बदलती परिस्थितियों और सुरक्षा व्यवस्था का परिणाम बताया है। बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने इस उपलब्धि को सीआरपीएफ के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ के 47 वर्षों के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब बल के करीब 3.25 लाख जवानों ने लगातार 12 महीने तक बिना किसी जवान की जान गंवाए अपना दायित्व निभाया है। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ के जवान पूरे साल विभिन्न अभियानों और सुरक्षा संबंधी गतिविधियों में सक्रिय रहते हैं। ऐसे में एक साल तक शून्य हताहत का रिकॉर्ड कायम करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। यह बल की कार्यक्षमता और बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है।
वहीं, जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि देश की आजादी के बाद सीआरपीएफ ने विभिन्न मोर्चों पर असाधारण कार्य करते हुए कई महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल की हैं। पिछले वर्षों में देश की सुरक्षा के लिए कई जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष तकनीक के इस्तेमाल, रणनीति में बदलाव और देश की परिस्थितियों में आए सकारात्मक परिवर्तनों के कारण सीआरपीएफ में किसी जवान की शहादत नहीं हुई।
राजीव रंजन ने कहा कि सीआरपीएफ का शौर्य और पराक्रम हमेशा से देश के लिए प्रेरणास्रोत रहा है। जवानों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन किया है। पूरा देश उनके साहस और वीरता को सलाम करता है।
जेडीयू सांसद रामप्रीत मंडल ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारत है और पिछले 12 महीनों में सीआरपीएफ के किसी जवान का घायल या शहीद नहीं होना सुरक्षा व्यवस्था में आए बदलावों को दर्शाता है।
बिहार सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव ने भी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि 47 वर्षों में पहली बार सीआरपीएफ में किसी जवान की जान नहीं गई है। यह बेहद स्वागतयोग्य उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ के प्रयासों से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है और अपराध पर नियंत्रण बनाए रखने में मदद मिली है।















