चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को दिवाली का तोहफा देते हुए तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) जारी करने की घोषणा की। इस फैसले से करीब आठ लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को वित्तीय राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने इसे सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए दिवाली का उपहार बताया। उन्होंने कहा कि डीए की यह किस्त दिसंबर में मिलने वाली किस्त के साथ जोड़कर जारी की जाएगी। सितंबर में पंजाब सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते में आठ प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया था।

मुख्यमंत्री मान ने सरकारी प्रशासन के संचालन में कर्मचारियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी कर्मचारी प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ हैं। वे आम लोगों तक सरकारी सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और समर्पण को महत्व देती है। बेहतर जनसेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कर्मचारियों की संतुष्टि बेहद जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन प्रतिशत महंगाई भत्ते की किस्त जारी करने का फैसला कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करने के उद्देश्य से लिया गया है। उन्होंने इस घोषणा पर सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को बधाई भी दी। इससे पहले 18 सितंबर को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री और विभिन्न कर्मचारी एवं पेंशनभोगी संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के बाद महंगाई भत्ते की दर 42 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी गई थी। बढ़ा हुआ भत्ता एक सितंबर से प्रभावी किया गया था।

यह फैसला सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच लंबे समय तक चली बातचीत के बाद लिया गया था। कर्मचारी संगठन लंबे समय से लंबित डीए की किस्तें जारी करने और सेवा से जुड़े अन्य मुद्दों के समाधान की मांग कर रहे थे। सितंबर में डीए बढ़ाने की घोषणा से पहले भी सरकारी कर्मचारी लंबित भत्तों और अन्य मांगों को लेकर कई सप्ताह तक आंदोलन कर चुके थे। कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली और सेवा से जुड़े अन्य मुद्दे भी शामिल हैं। हालांकि, इन मांगों पर राज्य सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच अभी बातचीत जारी है।