उज्जैन। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक उज्जैन स्थित भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार प्रातः कालीन भस्म आरती का भव्य आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। उन्होंने महाकाल के मनमोहक और अलौकिक रूप में दर्शन किए।
आरती से पूर्व बाबा महाकाल का जल और पंचामृत से अभिषेक कर आकर्षक फूलों व चंदन से अलौकिक श्रृंगार किया गया। इसके पश्चात महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भस्म अर्पित की गई। प्रातः काल बाबा के इस मनमोहक व अलौकिक रूप के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और संपूर्ण मंदिर प्रांगण जय श्री महाकाल के उद्घोष से गुंजायमान हो गया।
परंपरा के अनुसार, महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा महाकाल को भस्म आरती अर्पित की जाती है। मान्यता है कि भस्म अर्पित किए जाने के बाद बाबा महाकाल निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं। बाबा की इस आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन की पावन नगरी पहुंचते हैं।
वहीं, 17 अक्टूबर को उज्जैन में शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर एक भव्य, ऐतिहासिक और विशाल धार्मिक आयोजन होने जा रहा है। उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा के नेतृत्व में शहर में एक नया इतिहास रचने की तैयारी है।
इस ऐतिहासिक आयोजन में महायज्ञ और कन्या पूजन कार्यक्रम का आयोजन होगा, जिसमें उत्तर विधानसभा क्षेत्र के कुल 151 स्थानों पर एक साथ कन्याओं का पूजन और पाद-पूजन किया जाएगा। इस वृहद अनुष्ठान में 31,000 से अधिक कन्याओं के पूजन का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें बड़ी संख्या में कन्याएं सहभागिता करेंगी।
इस भव्य आयोजन की शुरुआत सुबह 9.30 बजे से होगी। इस आयोजन को बेहद खास बनाने के लिए हर एक पूजन स्थल पर समाज के लगभग 30 प्रबुद्धजनों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है, जो सामाजिक समरसता का संदेश देगा। इस महायज्ञ को सफल और व्यवस्थित बनाने के लिए करीब 5,000 कार्यकर्ता दिन-रात तैयारियों में जुटे हुए हैं। इस विशाल धार्मिक अनुष्ठान के साक्षी शहर के लगभग डेढ़ लाख लोग बनेंगे।













