भोपाल। राजधानी के नीलम पार्क में शिक्षक भर्ती परीक्षा-2025 में पदवृद्धि और रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्ति की मांग को लेकर भूख हड़ताल और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे अभ्यर्थियों को विपक्ष का खुला समर्थन मिला है। बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह आंदोलनरत अभ्यर्थियों के बीच पहुंचे। उन्होंने युवाओं की मांगों को पूर्णतः जायज ठहराते हुए राज्य सरकार से तत्काल समाधान निकालने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अभ्यर्थियों की मांगें नहीं मानीं, तो वे आगामी शिक्षक दिवस (5 सितंबर) से स्वयं 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
'80 साल की उम्र में भी लड़ूंगा युवाओं के हक की लड़ाई'
नीलम पार्क पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के साथ पूर्व मंत्री पीसी शर्मा भी मौजूद रहे। इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर मौजूद महिला अभ्यर्थियों ने पूर्व मुख्यमंत्री को रक्षासूत्र (राखी) बांधकर अपनी सुरक्षा और भविष्य के लिए सहयोग मांगा। अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनके जीवन में शिक्षा और स्वास्थ्य सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता रहे हैं। अपनी उम्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 80 वर्ष की उम्र में भी वे युवाओं के न्याय और अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए पूरी तरह तत्पर हैं।
अपने कार्यकाल का दिया हवाला, स्थानीय भर्तियों और 45 हजार स्कूलों का किया जिक्र
दिग्विजय सिंह ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके समय में शिक्षा को सुदूर ग्रामीण अंचलों तक पहुंचाने के लिए प्रदेशभर में लगभग 45 हजार नए प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय खोले गए थे। उन्होंने कहा कि उस दौरान शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया को विकेंद्रीकृत करते हुए भोपाल से हटाकर स्थानीय स्तर (पंचायतों व निकायों) को सौंपा गया था, जिससे स्थानीय व ग्रामीण युवाओं को रोजगार के सीधे अवसर प्राप्त हुए थे। वर्तमान व्यवस्था पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि बार-बार सिलेबस और नियमों में बदलाव करने से उन शिक्षकों और अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है, जो लंबे समय से तैयारी कर रहे हैं।
'रिक्त पदों पर भर्ती करने के बजाय युवाओं को भटका रही सरकार'
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार से तीखा सवाल पूछते हुए कहा कि जब स्कूलों में लाखों पद रिक्त पड़े हैं, तो सरकार योग्य अभ्यर्थियों की भर्ती क्यों नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार देने की नहीं, बल्कि उन्हें गैर-जरूरी और भावनात्मक मुद्दों में उलझाए रखने की है। उन्होंने भाजपा व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर शिक्षा व रोजगार की अनदेखी करने का आरोप लगाया और राम मंदिर निर्माण निधि सहित अन्य विषयों पर भ्रष्टाचार के आरोप मढ़े।
नीलम पार्क में आंदोलन का छठवां दिन, अनशन पर डटे हैं अभ्यर्थी
उल्लेखनीय है कि वर्ग-2 (माध्यमिक शिक्षक) और वर्ग-3 (प्राथमिक शिक्षक) भर्ती परीक्षा-2025 में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेशभर से आए चयनित अभ्यर्थियों का नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को छठवें दिन भी जारी रहा। इससे पूर्व अनशन पर बैठे अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत की तबीयत बिगड़ने पर पुलिस ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था, जिसके बाद अन्य अभ्यर्थियों ने आंदोलन की कमान संभाल ली है।
अभ्यर्थियों ने 21 अगस्त को लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के समक्ष विशाल प्रदर्शन और रैली निकालकर नीलम पार्क में डेरा डाला था। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे नवंबर 2025 से जुलाई 2026 तक लगातार ज्ञापन और शांतिपूर्ण आंदोलनों के जरिए अपनी गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। अब वे जब तक लिखित आदेश जारी नहीं होते, तब तक आंदोलन जारी रखने के संकल्प पर अडिग हैं।




