भोपाल, जीतेन्द्र यादव। राजधानी भोपाल में 17 वर्षीय किशोर की निर्मम हत्या के मामले में रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा हुआ है। शाहजहांनाबाद क्षेत्र का रहने वाला यह किशोर परिवार का इकलौता सहारा था और मोती मस्जिद, इकबाल मैदान व आसपास के इलाकों में फेरी लगाकर पेन-कॉपी बेचकर घर का खर्च चलाता था। 6 अगस्त को इकबाल मैदान से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने के बाद 11 अगस्त को उसका शव छोटे तालाब से बरामद हुआ था। कपड़ों और चप्पलों के आधार पर 14 अगस्त को परिजनों द्वारा शिनाख्त किए जाने के बाद पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी।
मुखबिर की सूचना पर तलैया थाना पुलिस द्वारा एक नाबालिग संदेही को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर इस खौफनाक साजिश की परतें खुलीं। पुलिस ने जोहेब, नेहा सहित करीब 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनमें कई नाबालिग भी शामिल हैं। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के मुख्य सूत्रधार ने नाबालिगों को कथित तौर पर दो करोड़ रुपये का लालच देकर झांसे में लिया था। योजना यह थी कि किशोर की हत्या कर उसके शरीर के एक विशेष अंग को काटकर दिल्ली के रास्ते विदेश भेजा जाएगा और मिलने वाली दो करोड़ की भारी रकम आपस में बांटी जाएगी। इसी लालच में किशोर को सुनसान जगह ले जाकर मौत के घाट उतार दिया गया।
रविवार रात पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर छोटे तालाब और संभावित ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया, हालांकि शव का लापता हिस्सा अभी तक बरामद नहीं हो सका है। इसी बीच एक अन्य 17 वर्षीय किशोर ने थाने पहुंचकर सनसनीखेज शिकायत दर्ज कराई कि इन आरोपियों ने उसे भी पकड़कर गला दबाने और अंग निकालने का प्रयास किया था, लेकिन वह जान बचाकर भाग निकला।
मामले पर पुलिस एडिशनल कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि प्रकरण में कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने पुष्टि की कि जिस मुख्य आरोपी से मानव अंगों की तस्करी को लेकर सौदा हुआ था, वह फिलहाल फरार है। पुलिस की टीमें फरार आरोपी की सरगर्मी से तलाश कर रही हैं और उसकी गिरफ्तारी के बाद इस पूरे अंतरराष्ट्रीय मानव अंग तस्करी नेटवर्क के बड़े राजफाश होने की उम्मीद है।




