धार/गंधवानी। धार जिले के निसरपुर स्थित माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर छात्रावास की लगभग 40 छात्राएं रविवार-सोमवार की दरमियानी रात अपनी गंभीर समस्याओं को लेकर छात्रावास से बाहर निकल आईं। मूलभूत सुविधाओं के अभाव और अव्यवस्थाओं से परेशान छात्राएं देर रात करीब 12 बजे हॉस्टल से निकलीं और लगभग ढाई किलोमीटर का सफर पैदल तय कर कुक्षी थाने पहुंच गईं। आधी रात को इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं के थाने पहुंचने की खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।


वार्डन पर प्रताड़ना और खराब भोजन देने का आरोप

थाने पहुंची छात्राओं ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी आपबीती सुनाई। छात्राओं का आरोप है कि हॉस्टल वार्डन द्वारा उनके साथ लगातार दुर्व्यवहार और प्रताड़ना की जाती है। इसके अलावा उन्हें पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण भोजन भी नहीं दिया जाता। छात्राओं ने यह भी बताया कि उचित और नए छात्रावास भवन के अभाव में उन्हें बेहद असुविधाजनक परिस्थितियों में दूसरे भवन में रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। छात्राओं ने वार्डन को तत्काल हटाने और नए सर्वसुविधायुक्त भवन की व्यवस्था करने की मांग रखी।


जयस नेता ने सुरक्षित थाने पहुंचाया, अधिकारियों ने दिया आश्वासन

देर रात छात्राओं को पैदल जाते देख जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रविराज बघेल मौके पर पहुंचे और अपने वाहनों की मदद से छात्राओं को सुरक्षित कुक्षी थाने पहुंचाया। इसके बाद थाना प्रभारी, एसडीओपी और तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर छात्राओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना। अधिकारियों ने छात्राओं को निष्पक्ष जांच और समस्याओं के त्वरित समाधान का भरोसा दिया, जिसके बाद प्रशासन की समझाइश पर छात्राओं को सुरक्षित वापस छात्रावास भेजा गया।


सुरक्षा व्यवस्था और छात्रावास प्रबंधन पर उठे गंभीर सवाल

सुरक्षा के कड़े पहरे के दावों के बीच 40 छात्राओं का आधी रात को छात्रावास से निकलकर पैदल सड़क पर जाना प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। जयस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रविराज बघेल ने प्रशासन से मांग की है कि छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, लापरवाह प्रबंधन पर कार्रवाई हो और छात्राओं को सुरक्षित व बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए शीघ्र नए भवन का आवंटन किया जाए।