झांसी। झांसी के जिलाधिकारी गौरांग राठी ने 'न्यू ईरा पब्लिक स्कूल' में बालिकाओं को स्वयं अपने हाथों से एल्बेंडाजोल की गोली खिलाकर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (National Deworming Day) अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। 10 अगस्त से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत झांसी जनपद में 1 वर्ष से 19 वर्ष तक के लगभग 10 लाख से अधिक बच्चों व किशोरों को पेट के कीड़े मारने की दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है।


स्कूल में ही खिलाई जाए दवा, अभिभावकों को न सौंपी जाए

जिलाधिकारी गौरांग राठी ने अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को सख्त निर्देश दिए: दवा केवल स्कूल, कॉलेज या आंगनवाड़ी केंद्र में ही अध्यापकों व स्वास्थ्य कर्मियों की देखरेख में खिलाई जाए। किसी भी दशा में दवा अभिभावकों को घर ले जाने के लिए न दी जाए। घुमंतू परिवारों के बच्चों, स्टोन क्रेशर और कंस्ट्रक्शन साइट्स पर रह रहे मजदूरों के बच्चों को चिह्नित कर दवा खिलाना अनिवार्य किया गया है। निजी स्कूलों, कॉलेजों और मदरसों में शत-प्रतिशत सत्यापन हो। दवा खिलाने में लापरवाही या आनाकानी करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।


आयु अनुसार दवा देने का सही तरीका

कार्यक्रम के दौरान डीएम ने एल्बेंडाजोल की खुराक के मानक स्पष्ट किए:

01 से 02 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए एल्बेंडाजोल (400mg) की आधी गोली निर्धारित की गई है, जिसे बच्चे को अच्छी तरह पीसकर खिलाया जाना चाहिए। इसके बाद 02 से 03 वर्ष के बच्चों को 01 पूरी गोली दी जाती है, जिसे पूरी तरह से पीसकर पानी के साथ दिया जाना अनिवार्य है। वहीं 03 से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोरों को 01 पूरी गोली दी जाती है; इसे सीधे निगलने के बजाय चबा-चबाकर खाने की सलाह दी जाती है और उसके उपरांत पर्याप्त मात्रा में पानी पीना आवश्यक है।


'हर घर तिरंगा' और स्वच्छता का संदेश

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने छात्राओं से सीधा संवाद करते हुए बताया कि पेट के कीड़े खत्म होने से भोजन का संपूर्ण पोषण शरीर को मिलता है और बच्चा स्वस्थ रहता है। उन्होंने उपस्थित बालिकाओं और स्टाफ से 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत 13 से 15 अगस्त तक अपने-अपने घरों में राष्ट्रध्वज फहराने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।


प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति

कार्यक्रम में विद्यालय के मैनेजर शुभेंदु घोष और प्रधानाचार्य अरविंदम घोष ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. शिशिर पुरी, नोडल अधिकारी डॉ. रमाकांत सोनी, डीआईओएस (DIOS) श्रीमती रती वर्मा, डिप्टी सीएमओ डॉ. आशीष अग्निहोत्री, डॉ. उत्सव राज सहित स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं विद्यालय का अमला मौजूद रहा।