दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 के रण की अंतिम तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो चुकी है। नामांकन वापस लेने के निर्धारित अंतिम दिन दो अन्य प्रत्याशियों, शादाबुद्दीन और मेहरवान सिंह बघेल, ने आधिकारिक तौर पर चुनावी मैदान से अपने नाम वापस ले लिए हैं। इससे पहले चुनावी हलचल के बीच दामोदर यादव के भाई केशव यादव भी मैदान से पीछे हट चुके थे। इन तमाम सियासी उलटफेर और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, अब दतिया के इस दंगल में 'नोटा' (NOTA) सहित कुल 22 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमाएंगे।


16 से अधिक उम्मीदवार होने के कारण मतदान केंद्र पर लगेंगी दो बैलेट यूनिट

मैदान में प्रत्याशियों की भारी संख्या को देखते हुए इस बार दतिया के मतदाताओं को वोटिंग के दौरान एक बड़ा तकनीकी बदलाव देखने को मिलेगा। निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अब मतदाताओं को केवल एक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के भरोसे नहीं रहना होगा। भारत निर्वाचन आयोग के कड़े नियमों के अनुसार, एक बैलेट यूनिट में नोटा को मिलाकर अधिकतम 16 प्रत्याशियों के नाम और उनके आवंटित चुनाव चिन्ह ही दर्ज किए जा सकते हैं। चूंकि दतिया में यह संख्या बढ़कर 22 तक पहुंच चुकी है, इसलिए आयोग के निर्देशानुसार अब प्रत्येक मतदान केंद्र पर दो-दो बैलेट यूनिट को आपस में जोड़कर वोटिंग मशीन तैयार की जाएगी।


निर्वाचन विभाग ने शुरू की मतदान दलों की ट्रेनिंग और प्रशासनिक तैयारियां

इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद निर्वाचन विभाग ने जमीनी स्तर पर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दो बैलेट यूनिट होने के बावजूद मतदान करने की मूल प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं होगा, यह पहले की तरह ही पूरी तरह सुरक्षित और सरल रहेगी। हालांकि, वोट डालते समय मतदाताओं को थोड़ी अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। उन्हें दोनों बैलेट यूनिट में दर्ज उम्मीदवारों की सूची और उनके चुनाव चिन्हों को बेहद ध्यानपूर्वक देखना होगा, ताकि वे अपने पसंदीदा प्रत्याशी के सामने वाला बटन बिना किसी भ्रम के दबा सकें। इस बीच, निर्वाचन विभाग ने सभी मतदान केंद्रों पर दोहरी बैलेट यूनिट वाली ईवीएम के सुचारू संचालन को लेकर अपनी व्यापक कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है। मतदान कराने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों (मतदान दलों) को दो बैलेट यूनिट के तकनीकी कनेक्शन, उनके रख-रखाव और मॉनिटरिंग के लिए विशेष प्रशिक्षण देने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है, ताकि मतदान के दिन पूरी प्रक्रिया बिना किसी तकनीकी बाधा के निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई जा सके।