उमरिया, तपस गुप्ता। राज्य स्तरीय सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता-2026 के उद्घाटन समारोह में प्रस्तुत एक फिल्मी गीत पर नृत्य को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अमर शहीद खेल मैदान में आयोजित समारोह के दौरान "नीचे पान की दुकान, ऊपर गोरी का मकान" गीत पर दी गई प्रस्तुति पर अभिभावकों, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों ने कड़ी आपत्ति जताई है।


प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए स्कूली खिलाड़ी, उनके अभिभावक एवं शिक्षक मौजूद थे। ऐसे में मंच पर प्रस्तुत किए गए गीत और नृत्य को लेकर लोगों ने सवाल उठाते हुए कहा कि जिस मंच का उद्देश्य बच्चों में खेल भावना, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का विकास करना है, वहां इस तरह की प्रस्तुतियां आयोजन की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं।


अभिभावकों का कहना है कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों का चयन बच्चों की आयु और आयोजन के उद्देश्य को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि प्रस्तुत गीत और नृत्य न तो प्रतियोगिता की भावना से मेल खाते थे और न ही वहां मौजूद नाबालिग खिलाड़ियों के लिए उपयुक्त थे।


जिम्मेदारी पर भी उठे प्रश्न


विवाद के बीच जिला शिक्षा अधिकारी आर.एस. मरावी ने कहा कि उन्हें कार्यक्रम में बजाए गए गीत की पूर्व जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान अचानक गीत शुरू कर दिया गया था। उन्होंने इस मामले में जिला खेल अधिकारी से जानकारी लेने की बात कही। शिक्षा विभाग के इस जवाब के बाद आयोजन की निगरानी और जवाबदेही को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।


सांस्कृतिक कार्यक्रमों की समीक्षा की मांग


स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने मांग की है कि राज्य स्तरीय आयोजनों में प्रस्तुत होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की पूर्व समीक्षा सुनिश्चित की जाए। लोगों का कहना है कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि विवादित गीत को मंच पर प्रस्तुत करने की अनुमति किस स्तर पर दी गई और कार्यक्रम के दौरान किसी जिम्मेदार अधिकारी ने हस्तक्षेप क्यों नहीं किया।


खेल से ज्यादा व्यवस्थाओं पर चर्चा


गौरतलब है कि सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता देश की प्रतिष्ठित स्कूली फुटबॉल प्रतियोगिताओं में शामिल है। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में खेल प्रतिभा को निखारना और उन्हें बेहतर मंच उपलब्ध कराना है। हालांकि उद्घाटन समारोह में हुए इस विवाद के बाद खेल प्रतियोगिता से अधिक आयोजन की व्यवस्थाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की गुणवत्ता पर चर्चा शुरू हो गई है। अब सभी की निगाहें आयोजन समिति और संबंधित विभागों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।