सतना/रामपुर बघेलान, मुकेश त्रिपाठी। मध्यप्रदेश के सतना जिले की नगर परिषद रामपुर बघेलान में वित्तीय गड़बड़ी को लेकर सियासत गर्मा गई है। वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक की ऑडिट रिपोर्ट में सामने आई आपत्तियों को लेकर कांग्रेस पार्टी ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में सैकड़ों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एक जुट होकर प्रशासन को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
7 करोड़ की वित्तीय अनियमितता का आरोप, दोषी अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि ऑडिट रिपोर्ट में करीब 7 करोड़ रुपये की कथित अनियमितता से जुड़ी आपत्तियां दर्ज हैं। कांग्रेस का कहना है कि यह जनता के विकास का पैसा है जिसे गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया है। पार्टी ने मांग की है कि ऑडिट रिपोर्ट की हर बिंदु पर निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच रिपोर्ट में जो भी अधिकारी दोषी पाए जाएं, उन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए।
10 दिन का अल्टीमेटम: कार्रवाई न होने पर बड़े आंदोलन की दी चेतावनी
कांग्रेस पदाधिकारियों ने प्रशासन को स्पष्ट किया है कि नगर परिषद की वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही तय होना आवश्यक है। इसके लिए वास्तविक स्थिति को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। कांग्रेसजनों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 10 दिनों के अंदर जांच पूरी कर कार्रवाई की जानकारी साझा नहीं की गई, तो पार्टी जनता के हक के लिए उग्र आंदोलन करेगी। इस अवसर पर संदीप सिंह परिहार, रामशंकर पयासी, राजेंद्र मिश्रा, रोहित कांत सिंह, नितिन सिंह, रामकृष्ण मिश्रा, बलेश त्रिपाठी, अजीत सिंह पटेल, मंजुल त्रिपाठी और सुधीर मिश्रा समेत कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे।

















