इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में 19 सितंबर को प्रस्तावित लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस संगठन लगातार बैठकों, छात्रावासों में जनसंपर्क और रणनीति बनाने में जुटा हुआ है। हालांकि, आयोजन स्थल (वेन्यू) की प्रशासनिक अनुमति को लेकर पेंच फंसा हुआ है, जिससे कार्यक्रम के स्थान पर सस्पेंस बना हुआ है। इस बीच कांग्रेस ने दावा किया है कि कार्यक्रम के लिए अब तक करीब डेढ़ लाख छात्र-युवा अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।
वेन्यू को लेकर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने, अनुमति पर अटका मामला
कार्यक्रम के लिए रीजनल पार्क के सामने स्थित मैदान को संभावित स्थल चुना गया है, लेकिन आधिकारिक अनुमति न मिलने पर इंदौर की राजनीति गरमा गई है: इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि युवाओं में अभूतपूर्व उत्साह है और आयोजन हर हाल में इंदौर में ही होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार राहुल गांधी को मिलने वाले जनसमर्थन से घबराकर अनुमति देने में देरी कर रही है। विवाद की शुरुआत भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव द्वारा पुलिस आयुक्त और कलेक्टर से की गई शिकायत के बाद हुई। भाजपा का दावा है कि संबंधित जमीन इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) से जुड़े न्यायालयीन विवाद के अधीन है, इसलिए बिना आईडीए या सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के वहां आयोजन नहीं होना चाहिए।
मैदान में उतरीं महिला कांग्रेस नेता, भंवरकुआं के हॉस्टलों में साधा संवाद
युवाओं और खासकर जेन-जी (Gen-Z) को जोड़ने के लिए कांग्रेस संगठन पूरी ताकत झोंक रहा है: महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया और सह-प्रभारी ऊषा नायडू ने भंवरकुआं क्षेत्र के हॉस्टलों में जाकर छात्राओं से सीधा संवाद किया और कार्यक्रम में आने का न्योता दिया। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने सांवेर और राऊ विधानसभा क्षेत्रों में समीक्षा बैठकें कीं। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निवास पर हुई बैठक में विधायकों व वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
रजिस्ट्रेशन के आंकड़े से उत्साहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने परदेशीपुरा में आतिशबाजी कर जश्न मनाया। अब सभी की नजरें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि 19 सितंबर के इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम के वेन्यू को लेकर कब तक स्थिति साफ होती है।




