ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित शिंदे की छावनी पेट्रोल पंप पर बुधवार को भीषण आग हादसे में अपनी जान पर खेलकर बड़ी तबाही रोकने वाले कर्मचारी महफूज खान की हालत अस्पताल में स्थिर बनी हुई है। हालांकि, इलाज का खर्च न उठाने और वादाखिलाफी से नाराज परिजनों ने गुरुवार को पेट्रोल पंप का घेराव कर जमकर हंगामा किया और धरने पर बैठ गए।


'अपनी जान पर खेलकर पूरे पंप को उड़ने से बचाया, लेकिन मालिक देखने तक नहीं आया'

घायल महफूज खान के परिजनों ने पेट्रोल पंप मालिक और स्थानीय प्रशासन पर अनदेखी का गंभीर आरोप लगाया है: महफूज के भाई की पत्नी ने बताया कि उनके जेठ कम्पू पेट्रोल पंप पर तैनात हैं और टैंकर खाली कराने शिंदे की छावनी आए थे। तभी नोजल में आग भड़क गई। महफूज ने अपनी जान की परवाह न करते हुए नोजल बंद किया, जिससे पूरा पेट्रोल पंप उड़ने से बच गया। आग बुझाने के दौरान महफूज 90 प्रतिशत तक झुलस गए। परिजनों का आरोप है कि घर के इकलौते कमाने वाले महफूज का हाल पूछने तक पेट्रोल पंप मालिक अस्पताल नहीं आया और न ही इलाज का खर्च उठा रहा है। परिजनों ने मीडिया में बयान देकर घायल कर्मचारी को "बाइक सवार" बताने पर पेट्रोल पंप मालिक के खिलाफ कड़ा आक्रोश व्यक्त किया।


पेट्रोल पंप सील, एसपी बोले— 'महफूज का बेहतर इलाज सुनिश्चित कराएगी पुलिस'

मामला गरमाने के बाद ग्वालियर पुलिस अधीक्षक (SP) धर्मवीर सिंह ने स्थिति का जायजा लिया और परिजनों को ढांढस बंधाया: एसपी ने बताया कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के अधिकारियों को बुलाकर सुरक्षा मानकों की विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच पूरी होने तक पेट्रोल पंप को सील कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने महफूज खान की तत्परता और बहादुरी की तारीफ करते हुए भरोसा दिलाया कि उनके बेहतर से बेहतर इलाज की जिम्मेदारी प्रशासन व पुलिस सुनिश्चित करेगी।