कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रविवार को राज्य के मालदा जिले में एक संगठित मादक पदार्थों के रैकेट का भंडाफोड़ करने पर राज्य पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) को बधाई दी। सोशल मीडिया पर एक बयान में, मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मादक पदार्थों के गिरोहों के खिलाफ चल रही हमारी कार्रवाई में एक बड़ी सफलता मिली है। राज्य पुलिस के एसटीएफ की एक सतर्क टीम ने मालदा जिले के कालियाचक में मधुघाट के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-12 पर एक वाहन को रोका और लगभग 2.688 किलोग्राम प्रतिबंधित मॉर्फिन बरामद की।
मुख्यमंत्री के बयान के अनुसार, इस संबंध में अंतरराज्यीय मादक पदार्थों की तस्करी रैकेट में शामिल चार प्रमुख व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि पूरे रैकेट को जड़ से खत्म करने के लिए एक विशेष मामला शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने एक बयान में कहा, “मैं पश्चिम बंगाल पुलिस और एसटीएफ के अधिकारियों और कर्मियों की त्वरित, समन्वित कार्रवाई और कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण की सराहना करता हूं। मैं मादक पदार्थों के तस्करों, गिरोहों और सिंडिकेट संचालकों को याद दिलाना चाहता हूं कि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि हमारी सरकार युवाओं के भविष्य की रक्षा करने और नशा मुक्त भारत अभियान के तहत हमारे सामूहिक संकल्प को मजबूत करने के लिए मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जीरो टोलरेंस की नीति अपनाती है।
इस वर्ष की शुरुआत में विधानसभा चुनावों के बाद पश्चिम बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद से, सुवेंदु अधिकारी राज्य के विभिन्न हिस्सों में संचालित संगठित मादक पदार्थों की तस्करी के गिरोहों और अवैध शराब के अड्डों के खिलाफ मुखर रहे हैं।
मुख्यमंत्री अधिकारी के अनुसार, अन्य सामाजिक बुराइयों, विशेष रूप से महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए ऐसे संगठित मादक पदार्थों की तस्करी के गिरोहों और अवैध शराब के अड्डों के खिलाफ निरंतर अभियान चलाना अत्यंत आवश्यक है।
तब से राज्य पुलिस इस मामले में काफी सक्रिय रही है, और पिछले कुछ महीनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में कई नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों का भंडाफोड़ किया गया है और कई अवैध शराब के अड्डों को ध्वस्त किया गया है।
राज्य पुलिस द्वारा ऐसे गिरोहों का भंडाफोड़ करने में मिली हर सफलता को मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया बयान के माध्यम से सराहा है, जिससे इस मामले में राज्य पुलिस का मनोबल बढ़ा है।
















