मुंबई। सिने एंड टेलीविजन आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (सिंटा) का विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। एसोसिएशन की अंदरूनी खींचतान के बीच अब एक्ट्रेस और सिंटा की पूर्व पदाधिकारी उपासना सिंह ने वरिष्ठ कलाकारों के साथ बदसलूकी को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, सिंटा की नई चुनी गई एग्जीक्यूटिव कमेटी की सदस्य नगमा ने भी संगठन के कामकाज और नेतृत्व को लेकर खुलकर नाराजगी जाहिर की है।आईएएनएस से बातचीत में उपासना सिंह ने कहा, ''सिंटा की बैठकों के दौरान कई वरिष्ठ कलाकारों को अपमानित महसूस करना पड़ा। मुकेश ऋषि, दीपक पाराशर और विकास वर्मा काफी असहज हो गए थे। मुकेश ऋषि मुंबई के ट्रैफिक की वजह से करीब आधे घंटे देरी से पहुंचे, तो उनसे कहा गया कि अब वह वोट नहीं कर सकते। इससे वह इतने नाराज हुए कि एजीएफ के दौरान माइक पर अपना गुस्सा जाहिर किया।

उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कहा, ''मेरे साथ इतनी बदसलूकी हुई है, आप लोग मेरे साथ ऐसा कैसे कर सकते हैं?''

उपासना ने वरिष्ठ एक्टर दीपक पाराशर से जुड़ा एक और किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा, ''हेमा मालिनी से जुड़ी एक सिंटा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दीपक पाराशर, जो उस समय एसोसिएशन के ट्रेजरर थे, दरवाजा खटखटाते रहे लेकिन कथित तौर पर उन्हें अंदर नहीं आने दिया गया। वह इस घटना से काफी आहत हुए और उन्होंने मुझसे कहा कि वहां जाना बेहद अपमानजनक महसूस हो रहा है।''

उपासना ने दीपक पाराशर की तारीफ करते हुए कहा, ''वह सिंटा की बैठकों के दौरान बाकी सदस्यों के लिए खाना तक बनाते थे। करीब ढाई साल तक वह सुबह पांच बजे उठकर एग्जीक्यूटिव कमेटी की मीटिंग के लिए खाना बनाते और सभी को खिलाते थे। वरिष्ठ कलाकार होने के नाते उनके साथ सम्मान से पेश आना चाहिए, भले ही किसी मुद्दे पर मतभेद क्यों न हों।''

वहीं, उपासना ने पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा, ''दोनों खुद को स्टार मानते हुए दूसरे सदस्यों से दूरी बनाकर रखती थीं और बाकी लोगों के साथ एक ही लिफ्ट में भी नहीं जाती थीं। यहां काम करने वाले एक कर्मचारी विकास वर्मा को सिर्फ इसलिए नीचा दिखाया गया क्योंकि उसे अंग्रेजी नहीं आती थी। विकास हमेशा दूसरे कलाकारों की मदद के लिए मौजूद रहते हैं और जरूरतमंदों के लिए काम भी करते हैं। कई बार वह अपमानित होकर रोते हुए बाहर आया।''

विवाद के बीच नगमा ने भी पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे की कथित 'कठपुतली' वाली टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। नगमा ने कहा, ''नई एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य किसी के इशारे पर काम नहीं कर रहे हैं और सभी की अपनी सोच है। मैंने सलमान खान, शाहरुख खान, संजय दत्त, अक्षय कुमार और जैकी श्रॉफ जैसे बड़े कलाकारों के साथ काम किया है और इंडस्ट्री को काफी करीब से देखा है। किसी को 'कठपुतली' कहना या यह कहना कि वह किसी और के इशारे पर नाच रहा है, बेहद अपमानजनक है। हमारे पास अपना दिमाग है। हमें अपमानित या नीचा मत दिखाइए।''

नगमा ने कहा, ''मेरे सिंटा में आने का मकसद किसी व्यक्तिगत लड़ाई का हिस्सा बनना नहीं, बल्कि जरूरतमंद कलाकारों के लिए संगठन को बेहतर तरीके से चलाने में योगदान देना है। संगठन में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन लड़ाई निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और निजी आरोपों से बचना चाहिए।''

बता दें कि सिंटा का विवाद उस समय और बढ़ गया था, जब आठ एग्जीक्यूटिव कमेटी सदस्यों ने इस्तीफा दिया। इनमें मुकेश ऋषि, विकास वर्मा और दीपक पाराशर भी शामिल थे। इस्तीफों के पीछे फैसले लेने के तरीके और सदस्यों से सलाह-मशविरा न किए जाने जैसे आरोप सामने आए। हालांकि, पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है। दोनों ने संगठन के कामकाज और वित्तीय मामलों को लेकर अपना पक्ष रखा है।