सागर, पुष्पेन्द्र यादव। सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से 30 से अधिक लोगों की मौत के बाद प्रदेश सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर पहुंचकर जहरीली शराब से बीमार हुए लोगों से मुलाकात की और अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रशासन को कार्रवाई के लिए फ्री हैंड दिया है। अवैध शराब के कारोबार में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आरोपियों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण और अवैध कब्जों पर बुलडोजर कार्रवाई भी की जाएगी।
प्रशासन के मुताबिक, जहरीली शराब कांड के मामले में अब तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा लापरवाही के आरोप में कई अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। मामले की जांच जारी है और पुलिस अवैध शराब के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटा रही है।
आरोपियों के ठिकानों पर बुलडोजर कार्रवाई
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, प्रशासन ने कुछ आरोपियों के अवैध निर्माण और अतिक्रमण की जांच के बाद कार्रवाई शुरू कर दी है। जिन लोगों के ठिकानों पर बुलडोजर कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आ रही है, उनमें चंद्रभान राजपूत उर्फ चंदू, मनीष लोधी और आशीष साहू के नाम बताए जा रहे हैं।
प्रशासन द्वारा संबंधित निर्माणों और कब्जों की जांच के बाद अवैध पाए गए निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। सरकार के सख्त रुख के बाद माना जा रहा है कि जहरीली शराब के अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों पर भी आने वाले दिनों में कार्रवाई हो सकती है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। जहरीली शराब की सप्लाई के स्रोत और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।




