कोयंबटूर। वियतनाम में हुए नाव हादसे में जान गंवाने वाले छह तमिल नागरिकों में से तीन के शव कोयंबटूर एयरपोर्ट पहुंचाए गए। इसके बाद जिला प्रशासन की मौजूदगी में उन्हें एंबुलेंस के जरिए उनके गृह जिलों के लिए रवाना कर दिया गया।इस हादसे में कुल छह तमिल नागरिकों की मौत हुई थी। पहले चरण में जिन तीन लोगों के शव वियतनाम से हवाई मार्ग से लाए गए, उनमें तिरुचिरापल्ली जिले के शेख अब्दुल्ला और बालाजी तथा अलगुराजन शामिल हैं। कोयंबटूर एयरपोर्ट पर जिला प्रशासन के अधिकारियों ने दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित की और फिर उनके शव परिजनों की मौजूदगी में एंबुलेंस से उनके पैतृक स्थानों के लिए भेज दिए गए।

प्रशासन के अनुसार दूसरे चरण में तीन और मृतकों के शव भी कोयंबटूर एयरपोर्ट पहुंचने वाले हैं। इनमें सेंथिलकुमार जयवेल (धर्मपुरी), मुरुग प्रभु अरुमुगम (डिंडीगुल) और श्रीधर सुंदरराजन (सेलम) शामिल हैं। इन शवों के दोपहर 2 बजे दूसरी उड़ान से पहुंचने की संभावना है।

एयरपोर्ट पर संबंधित जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों, राजस्व विभाग और पुलिस ने आवश्यक व्यवस्थाएं कर रखी हैं। शवों के पहुंचने के बाद उन्हें संबंधित जिलों के अधिकारियों को सौंपा जाएगा और परिजनों की उपस्थिति में एंबुलेंस से उनके गृह नगरों तक पहुंचाया जाएगा।

आंध्र प्रदेश सरकार में मंत्री कोंडापल्ली श्रीनिवास ने भी इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में कई भारतीय नागरिकों की मौत हुई है, जिनमें आंध्र प्रदेश के तीन लोग भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर वह पीड़ित परिवारों से मिलने और उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे।

मंत्री ने कहा, "वियतनाम में हमारे लोग छुट्टियां मनाने गए थे, जहां यह दुखद हादसा हुआ। हमने कई लोगों को खो दिया, जिनमें आंध्र प्रदेश के तीन नागरिक भी शामिल हैं। यह हमारे लिए बेहद पीड़ादायक समय है। राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।"

वियतनाम में हुए इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। मृतकों के शवों के भारत लौटने के बाद उनके गृह जिलों में शोक की लहर है।