छतरपुर, संदीप यादव: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम ऊजरा में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। पत्नी के चार साल से प्रेमी के साथ लिव-इन रिलेशन में रहने से आहत एक पति ने अपने नाबालिग बेटे के साथ मिलकर खूनी खेल खेला। गुस्से में अंधे हो चुके पिता-पुत्र ने लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर प्रेमी की जान ले ली। सात दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ने के बाद घायल प्रेमी ने ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।
24 अक्टूबर की शाम को दिया था खूनी वारदात को अंजाम
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 24 अक्टूबर की शाम की है। ग्राम ऊजरा के रहने वाले 39 वर्षीय सरजू कुशवाहा और उसके नाबालिग बेटे ने गांव के ही 33 वर्षीय संदीप यादव (पिता जगदीश यादव) पर लाठी-डंडों से बेरहमी से हमला कर दिया था। इस जानलेवा हमले में संदीप बुरी तरह जख्मी हो गया था। परिजनों और ग्रामीणों ने उसे तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे ग्वालियर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। ग्वालियर में सात दिनों तक लगातार चले इलाज के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
चार साल पहले पति और बच्चों को छोड़कर प्रेमी के पास चली गई थी महिला
गढ़ीमलहरा थाना प्रभारी ओशो गुप्ता ने बताया कि मृत युवक संदीप यादव का प्रेम-प्रसंग मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के श्रीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत मवई गांव के रहने वाले सरजू कुशवाहा की पत्नी के साथ चल रहा था। सरजू काफी समय से ऊजरा गांव में ही निवास कर रहा था। शुरुआत में दोनों छिपकर मिलते-जुलते थे, लेकिन कुछ समय बाद महिला अपने पति और दोनों नाबालिग बच्चों को छोड़कर संदीप के साथ खुलेआम लिव-इन रिलेशन में रहने लगी थी। एक ही गांव और मोहल्ले में रहने के कारण सरजू को यह अपमान और पारिवारिक बिखराव अंदर ही अंदर खाए जा रहा था। इसी रंजिश को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले भी कई बार विवाद हो चुका था, जो अंततः इस खूनी अंजाम तक पहुंच गया।
बच्चों को भी खलती थी मां की जुदाई, समाज के ताने बने गुस्से की वजह
पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सरजू के दोनों नाबालिग बच्चों के मन में भी अपनी मां के परिवार को छोड़कर दूसरे व्यक्ति के साथ रहने को लेकर भारी नाराजगी थी। गांव में उन्हें अपने साथियों और आसपास के लोगों के ताने सुनने पड़ते थे, जिससे पूरा परिवार मानसिक रूप से परेशान था। यही पारिवारिक कलह और रंजिश इस वीभत्स हत्याकांड की मुख्य वजह बनी।
पुलिस अब मामले में बढ़ाएगी हत्या की धारा, नाबालिग आरोपी की तलाश जारी
घटना के तुरंत बाद हरकत में आई स्थानीय पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी सरजू कुशवाहा को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। शुरुआत में पुलिस ने इस मामले में मारपीट और जानलेवा हमले (हत्या के प्रयास) की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया था।
अब इलाज के दौरान पीड़ित की मौत हो जाने के बाद कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है। थाना प्रभारी ओशो गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि ग्वालियर मेडिकल कॉलेज से मर्ग डायरी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होते ही मामले में हत्या (धारा 302 या संबंधित नई आपराधिक धाराओं) की बढ़ोतरी की जाएगी। वहीं, इस वारदात में शामिल दूसरा आरोपी यानी नाबालिग बेटा अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।














