इंदौर,रविकांत वर्मा। इंदौर में धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी पर करीब 4 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप लगा है। क्राइम ब्रांच ने फरियादी की शिकायत और प्रारंभिक जांच के बाद कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की बारीकी से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, इंदौर के सुदामा नगर निवासी प्रमोद शर्मा, जो पेशे से ठेकेदार हैं, ने क्राइम ब्रांच में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि उन्होंने राजस्थान स्थित हनुमान प्रसाद रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के साथ सब-कॉन्ट्रैक्टर के रूप में काम शुरू किया था। इस दौरान उन्हें देवास जिले में रेलवे से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
प्रमोद शर्मा के अनुसार, उन्होंने तय समय सीमा के भीतर काम को पूरा किया और गुणवत्ता मानकों का भी पालन किया। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत लगभग 4 करोड़ रुपये बताई जा रही है। आरोप है कि काम पूरा होने के बावजूद कंपनी ने भुगतान करने में टालमटोल शुरू कर दी और बाद में पूरी राशि देने से ही इनकार कर दिया।
फरियादी का कहना है कि उन्होंने कई बार कंपनी के अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन उन्हें हर बार आश्वासन ही दिया गया। लंबे समय तक भुगतान नहीं मिलने पर उन्होंने आखिरकार इंदौर क्राइम ब्रांच का सहारा लिया। क्राइम ब्रांच ने शिकायत मिलने के बाद मामले की प्राथमिक जांच की, जिसमें प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी के साक्ष्य सामने आए। इसके आधार पर पुलिस ने हनुमान प्रसाद रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की विस्तृत जांच जारी है और कंपनी से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। साथ ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जा सकती है।
इस घटना के सामने आने के बाद ठेकेदारों में भी चिंता का माहौल है और वे भुगतान सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं।



