चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजबीर घुमन सीबीआई की जांच में शामिल होने के लिए शुक्रवार को एजेंसी के सामने पेश हुए। उनके वकील जीएस घुमन ने कहा कि राजबीर जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और सीबीआई की ओर से पूछे जा रहे सवालों के जवाब दे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनका मुख्य उद्देश्य जांच में शामिल होकर जांच एजेंसी के साथ सहयोग करना है। उन्होंने जांच के दौरान राजबीर घुमन के साथ कानूनी सलाहकार की मौजूदगी के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला दिया।वकील जीएस घुमन ने बताया कि राजबीर घुमन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट का आदेश है, जिसके अनुसार उन्हें कुछ शर्तों के साथ जांच में शामिल होना था। सीबीआई की ओर से नोटिस मिलने के बाद राजबीर घुमन निर्धारित समय पर एजेंसी के सामने पहुंचे। उन्हें सुबह 11 से 11:30 बजे के बीच पेश होने का नोटिस मिला था और वह करीब 11:30 बजे वहां पहुंच गए। उनकी ओर से जांच में शामिल होने और जांच अधिकारियों के सवालों का जवाब देने के अलावा कोई दूसरा एजेंडा नहीं है।
उन्होंने कहा कि राजबीर घुमन जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और एजेंसी जो भी सवाल पूछना चाहती है, उसका जवाब देने के लिए तैयार हैं। जांच के दौरान सवालों की संख्या महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि उनका उद्देश्य पूछे गए सवालों का उचित जवाब देना है। घुमन ने बताया कि अदालतों में छुट्टी होने के कारण उनकी कानूनी टीम को कुछ व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इस संबंध में लीगल टीम से बातचीत हुई है और वह एक आवेदन दाखिल करेंगे।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि जांच में शामिल होने के दौरान राजबीर घुमन के साथ एक अधिवक्ता जा सकता है। इस मुद्दे पर उनका उद्देश्य किसी तरह की अनावश्यक बहस करना नहीं है, बल्कि अदालत के निर्देशों के अनुरूप कानूनी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजबीर घुमन जांच का सामना करने को लेकर आश्वस्त हैं और उनका ध्यान जांच में सहयोग करने पर है। जांच एजेंसी को भी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की जानकारी है और उम्मीद है कि उनका पालन किया जाएगा।
वकील ने मामले को लेकर सार्वजनिक टिप्पणियों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किसी मामले में प्राथमिकी दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति का दोष साबित हो गया है। अभी जांच चल रही है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए। जांच के दौरान किसी व्यक्ति को पहले ही दोषी के रूप में पेश करना उचित नहीं है। घुमन ने इसे संबंधित व्यक्ति के लिए परेशान करने वाला व्यवहार बताया और कहा कि जांच के नतीजे सामने आने से पहले किसी को दोषी ठहराना सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि राजबीर पंजाब में उच्च पद पर कार्यरत अधिकारी हैं और ऐसे अधिकारियों के लिए प्रोटोकॉल का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने चंडीगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए।
सीबीआई की पूछताछ के संबंध में घुमन ने कहा कि जांच अधिकारी मामले से जुड़े सवाल पूछ रहे हैं और राजबीर घुमन उनके जवाब दे रहे हैं। सवालों की संख्या चाहे कितनी भी हो, उनकी ओर से जांच में सहयोग जारी रहेगा। जांच के अंदर क्या सवाल पूछे जा रहे हैं और उनके जवाब क्या हैं, इस पर वह विस्तृत टिप्पणी नहीं करेंगे, क्योंकि मामला अभी जांच के अधीन है। राजबीर घुमन पूछे गए सवालों के जवाब उचित तरीके से और साक्ष्यों के साथ दे रहे हैं।














