नई दिल्ली। बांग्लादेश के तेज गेंदबाज शोरिफुल इस्लाम ने इंग्लैंड में काउंटी चैंपियनशिप में केंट की तरफ से खेलने के लिए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) से अनुमति मांगी थी। बीसीबी ने इस्लाम को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) देने से मना कर दिया है।
बीसीबी को लगता है कि अगर शोरिफुल इस्लाम को काउंटी चैंपियनशिप में खेलने की अनुमति दी जाती है, तो इससे उनके अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से बाएं हाथ के तेज गेंदबाज को एनओसी नहीं मिली है।
रिपोर्ट के मुताबिक, "शोरिफुल को अगले तीन महीनों में 5 टेस्ट, 7 टी20 और 6 वनडे मैच खेलने हैं। उनके वर्कलोड को देखते हुए ही बीसीबी ने उन्हें एनओसी नहीं देने का फैसला किया है।"
बीसीबी का मानना है कि शोरीफुल सभी फॉर्मेट खेलते हैं। वह अभी-अभी हैमस्ट्रिंग इंजरी से वापस आए हैं। अगर हम उन्हें 4 काउंटी मैचों के लिए एनओसी देते हैं, तो उनके शरीर पर दबाव पड़ेगा और वह आगामी अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए पूरी तरह फिट नहीं हो पाएंगे। इसलिए टीम प्रबंधन और मेडिकल टीम को लगता है कि उनके लिए खेलने के बजाय ट्रेनिंग करना और फिट रहना ज्यादा जरूरी है।
हालांकि, बीसीबी ने पूरी तरह से फिट एक अन्य तेज गेंदबाज खालिद अहमद को काउंटी चैंपियनशिप में केंट की तरफ से खेलने के लिए एनओसी दे दी गई है।
शोरिफुल इस्लाम बांग्लादेश के बेहतरीन तेज गेंदबाजों में से एक हैं। इंजरी की वजह से शोरिफुल हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बांग्लादेश को डार्विन में मिली ऐतिहासिक जीत का हिस्सा नहीं बन सके थे। उन्हें ड्रेसिंग रूम में बैठकर मैच देखना पड़ा था, लेकिन साउथ मैके में खेले गए दूसरे टेस्ट में उन्होंने वापसी की थी। बांग्लादेश को साउथ मैके में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पारी और 51 रन से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन शोरिफुल ने घातक गेंदबाजी की थी। शोरिफुल ने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में 48 रन देकर 7 विकेट लिए थे और विपक्षी टीम को 210 पर समेटने में बड़ी भूमिका निभाई थी।




