नई दिल्ली। विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में मंदिर के चढ़ावे और भेंट सामग्री की चोरी के बहुचर्चित मामले में कानून का शिकंजा कस गया है। बद्री-केदार मंदिर समिति (BKTC) के निलंबित पर्सनल असिस्टेंट प्रमोद नौटियाल को सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायालय, गोपेश्वर में सिविल जज के समक्ष पेश किया गया। चमोली पुलिस ने न्यायालय को बताया कि इस पूरे मामले में मनी ट्रेल (पैसों के लेन-देन के स्रोत) का पता लगाने और इस अपराध से जुड़ी अन्य संभावित कड़ियों की विस्तृत जांच करने के लिए आरोपी की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी गई है।


इस सनसनीखेज मामले में चमोली पुलिस द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) को 12 जुलाई की रात करीब 10 बजे बड़ी सफलता मिली थी। एसआईटी ने आरोपी प्रमोद नौटियाल को देहरादून के नेहरू कॉलोनी स्थित उनके निजी आवास से गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें चमोली लाया गया, जहाँ बद्रीनाथ थाने में आरोपी से गहन पूछताछ की गई। पुलिस ने प्रमोद नौटियाल के बयानों का मिलान करने के लिए मंदिर समिति के चार अन्य कर्मचारियों को भी आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। इस दौरान जब पुलिस ने सीधे तौर पर पूछा कि क्या इस चढ़ावा चोरी के खेल में मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी भी शामिल हैं, तो आरोपी नौटियाल ने सिर हिलाकर 'नहीं' में जवाब दिया और अध्यक्ष की संलिप्तता से इनकार किया।


चमोली पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुरजीत सिंह पंवार के सख्त निर्देश पर गठित एसआईटी ने मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज, चश्मदीद गवाहों के बयानों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को बारीकी से खंगाला था। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी प्रमोद नौटियाल कई बार चालाकी से मोबाइल फोन के नीचे छिपाकर और अपनी जेबों में मंदिर की धनराशि व अन्य भेंट सामग्री ले जा रहे थे। पुलिस के आधिकारिक बयान के मुताबिक, आरोपी ने 500 रुपये के नोट, सोना-चांदी के सिक्कों के पैकेट, शालिग्राम शिला और पवित्र केसर के पैकेट भी अवैध रूप से अपने कब्जे में लिए थे। एसआईटी ने आरोपी के पास से एक अत्यंत दुर्लभ शालिग्राम शिला और बीकेटीसी (BKTC) द्वारा उन्हें आधिकारिक रूप से जारी किया गया लैपटॉप बरामद कर लिया है।


गौरतलब है कि बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की हेराफेरी का यह मामला तब सामने आया था, जब 8 जुलाई को प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवाण की लिखित शिकायत पर बद्रीनाथ कोतवाली में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। हालांकि, पुलिस की कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी प्रमोद नौटियाल ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया है। उनका दावा है कि उन्होंने कोई भी गलत काम नहीं किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के पास से अभी तक कोई नकदी (कैश) बरामद नहीं हो सकी है, और आरोपी ने पुलिस के सामने पेश किए गए सीसीटीवी फुटेज व अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया है। फिलहाल पुलिस रिमांड पर कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।