नागोया। ट्रैप शूटर नीरू ढांडा ने एशियन गेम्स 2026 में भारत को पांचवां गोल्ड मेडल दिलाया है। अपने पहले ही एशियन गेम्स में एशियन रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीतकर नीरू ने इतिहास रचा है। नीरू ने महिलाओं की ट्रैप इंडिविजुअल इवेंट के फाइनल में 28 के एशियन रिकॉर्ड स्कोर के साथ गोल्ड मेडल जीता है। एशियन गेम्स के इतिहास में ट्रैप इवेंट में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी हैं।
गोल्ड मेडल जीतने के बाद नीरू ढांडा ने आईएएनएस से कहा, "इस मेडल की अहमियत को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। यह एक एहसास है। कुछ चीजें शब्दों में बताने के बजाय महसूस करने के लिए होती हैं। मैं यह मेडल भारत को, अपने परिवार को, अपने कोच मनशेर सिंह को और राजा रणधीर सिंह को समर्पित करती हूं, जिन्होंने 1978 में गोल्ड मेडल जीता था। इस साल उनका निधन हो गया था।"
युवा एथलीटों को अपने खास संदेश में उन्होंने कहा कि आप सभी को नीरू से आगे जाना है। आप जहां भी हैं, वहां से आगे बढ़ने और बेहतर मनोदशा से काम करने की कोशिश करें।
नीरू ढांडा ने ट्रैप टीम इवेंट में सिल्वर मेडल भी जीता। इसमें उनकी साथी खिलाड़ी आशिमा अहलावत ने आईएएनएस से कहा, "यह प्रदर्शन करना आसान नहीं था। पिछले एक-दो दिन से कतर और कुवैत के साथ बहुत करीबी मुकाबला चल रहा था। आज के मौसम ने हमारी बहुत मदद की। दूसरे देश इससे बच नहीं पाए, लेकिन हम इस मौसम में बच गए और ब्रॉन्ज से सिल्वर मेडल पर आ गए। यह बहुत अच्छा लग रहा है। बेशक, भारत में हमें बारिश में शूटिंग करने की आदत है—हमारे सिलेक्शन ट्रायल और ट्रेनिंग भी ऐसे ही हालात में होते हैं—इसलिए मौसम ने हम पर ज्यादा असर नहीं डाला या हमें घुटन नहीं हुई। कई दूसरे देशों को इसकी उम्मीद नहीं थी, लेकिन हमने इस मौसम में भी कोशिश की और सिल्वर मेडल जीता।"
ट्रैप टीम इवेंट की तीसरी खिलाड़ी मनीषा कीर थीं।
गोल्ड मेडल जीतने वाली नीरू हरियाणा के जींद से संबंध रखती हैं। उनकी स्वर्णिम सफलता के बाद जींद के संगतपुरा गांव में जश्न मनाया जा रहा है।
नीरू की मां सुदेश देवी ने आईएएनएस से कहा, "हम बहुत खुश हैं। पूरा देश हमारी बेटी की कामयाबी का जश्न मना रहा है। उसने बहुत अच्छा काम किया है। उसने बड़ी उम्मीदों के साथ गोल्ड मेडल जीता है। हमें उससे बहुत उम्मीद थी।"













