छतरपुर, सुबोध त्रिपाठी: जिला शिक्षा अधिकारी छतरपुर पी के रैकवार ने फर्जी दिव्यांगता पर नौकरी पाने वाले शिक्षक पर कड़ी कार्यवाही की है। डीईओ कार्यालय छतरपुर के आदेश दिनांक 12.10.26 के अनुसार, शासकीय प्राथमिक शाला जुनवानी (विकासखण्ड बिजावर, जिला छतरपुर) में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक श्रीमती सविता पटेल की नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। संभागीय मेडिकल बोर्ड, सागर द्वारा की गई जाँच में उनकी श्रवण बाधित (HH) दिव्यांगता प्रमाणित नहीं पाई गई यानी शून्य पाई गई। इस बात से यह सिद्ध होता है कि संबंधित ने फर्जी दिव्यांगता के आधार पर प्राथमिक शिक्षक के पद पर नियुक्ति लेकर एक पात्र दिव्यांग अभ्यर्थी का हक मारा है।
नियुक्ति निरस्तीकरण: श्रीमती सविता पटेल (पिता- श्री बेनी प्रसाद पटेल) को 30 मार्च 2023 को दिव्यांगता श्रेणी (HH) के तहत प्राथमिक शिक्षक के पद पर नियुक्त किया गया था। इन्होंने दमोह जिले का दिव्यांग प्रमाण पत्र नौकरी लेते समय पेश किया गया जिसमें 50 प्रतिशत दिव्यांगता का उल्लेख है। लेकिन संभागीय मेडिकल बोर्ड के सामने आते ही इनकी सच्चाई सामने आ गई जिसमे इनकी दिव्यांगता No Disability घोषित की गई।
मेडिकल बोर्ड की जाँच: जिला मेडिकल बोर्ड छतरपुर द्वारा मामले को संभागीय मेडिकल बोर्ड, सागर रेफर किया गया था। क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवायें, सागर संभाग द्वारा 30 सितंबर 2026 को प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार संबंधित में निर्धारित न्यूनतम 40 प्रतिशत स्थाई दिव्यांगता नहीं पाई गई।
वैधानिक कार्रवाई: दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 की धारा 2 (ध) एवं लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल के निर्देशों के अनुक्रम में पात्रता न होने के कारण यह कार्रवाई की गई है।
आगे कुछ और शिक्षक हो सकते है टर्मिनेट
सूत्रों की माने तो अभी कुछ अन्य शिक्षक भी विभाग में पदस्थ है जिनकी दिव्यांगता फर्जी है, जिनकी रिपोर्ट संभागीय मेडिकल बोर्ड से आते ही टर्मिनेशन की कार्यवाही संपादित की जाएगी।
















