छतरपुर/घुवारा/टीकमगढ़, रोहित पाठक: बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की 'सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा' के चौथे दिन एक नया और ऊर्जावान अध्याय जुड़ गया। यात्रा के चतुर्थ दिवस के पड़ाव से पहले घुवारा के पास अंतरराष्ट्रीय कथा व्यास श्री अनिरुद्धाचार्य जी महाराज इस महाअभियान में शामिल हुए। दोनों संतों को एक ही रथ पर सवार देखकर मार्ग में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा।
कलश यात्रा और वाहनों का विशाल काफिला
यात्रा के स्वागत में ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। महिलाओं ने अपने सिर पर कलश धारण कर यात्रा का भव्य स्वागत किया। इसके साथ ही, सुरक्षा और उत्साह के बीच सैकड़ों चारपहिया वाहनों का काफिला रथ यात्रा के साथ आगे बढ़ता नजर आया।
बड़ागांव में भगवान रविदास जी के किए दर्शन
घुवारा के बाद यात्रा बड़ागांव पहुँची, जहाँ दोनों संतों ने भगवान रविदास जी के मंदिर में जाकर माल्यार्पण किया और उनका आशीर्वाद लिया। यहाँ से आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद यात्रा अपने अगले पड़ाव की ओर रवाना हो गई।
पाँच संकल्पों के जरिए समाज को जागृत कर रहे हैं पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
बागेश्वर सरकार की यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक सामाजिक सुधार अभियान है। यात्रा के माध्यम से निम्नलिखित पाँच प्रमुख संकल्पों पर जोर दिया जा रहा है:
- समाज को नशामुक्त बनाना
- जातिगत भेदभाव को समूल समाप्त करना
- हिंदुओं को एकजुट करना
- सनातन संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना
- सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना
टीकमगढ़ में रात्रि विश्राम, अब छतरपुर की ओर प्रस्थान
विभिन्न पड़ावों से होते हुए इस यात्रा का रात्रि विश्राम टीकमगढ़ में संपन्न हुआ। इसके बाद, यात्रा अपने अंतिम और विराम दिवस पर भव्य रूप से छतरपुर के लिए प्रस्थान करेगी।

















