भिंड, अक्षय जोशी। जिले के मछंड़ सेवा सहकारी संस्था में पदस्थ सहायक सचिव विनोद सिंह राजावत के कथित अपहरण, बंधक बनाकर मारपीट और जबरन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर लहार थाना पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के पीछे करीब 5 लाख रुपये के लेनदेन का विवाद बताया जा रहा है।


पीड़ित विनोद सिंह राजावत ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि उनका अजीत चौहान से करीब 5 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि अजीत ने कुछ राशि वापस कर दी थी और शेष हिसाब करने तथा अपने पिता से मुलाकात कराने के बहाने विनोद को लहार बुलाया था।


शिकायत के मुताबिक विनोद अपने एक मित्र के साथ निजी कार से अजीत चौहान के घर पहुंचे। आरोप है कि वहां पहुंचते ही अजीत और उसके तीन अन्य साथियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद उन्हें जबरन उनकी ही कार की पिछली सीट पर बैठाया गया और लहार क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया।


पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें करीब 13 घंटे तक बंधक बनाकर रखा और इस दौरान बेसबॉल बैट, प्लास्टिक पाइप, लात-घूंसों और थप्पड़ों से मारपीट की। इससे उनके शरीर पर कई जगह चोटें आईं।


विनोद सिंह ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने पिस्टल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और तीन चेक, पांच कोरे कागज तथा 200-200 रुपये के दो स्टाम्प पेपर पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए। इसके बाद उन्हें आलमपुर और दबोह क्षेत्र में घुमाते हुए प्रताड़ित किया गया।


देर रात तक विनोद के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की और आरोपी के घर पहुंचे। इसके बाद विनोद आरोपियों के चंगुल से मुक्त हो सके। घटना के बाद उन्होंने लहार थाने पहुंचकर पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए शिकायत दर्ज कराई।


पीड़ित की शिकायत के आधार पर लहार थाना पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ अपहरण, बंधक बनाकर मारपीट और जबरन हस्ताक्षर कराने समेत संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार मामले में जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।