पन्ना/गुनौर(जीतेन्द्र रजक)। गुनौर से सकरिया की ओर जा रहे अनाज से भरे एक ट्रक को लेकर संदिग्ध परिवहन का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि ककरहटा स्थित तिवारी ढाबा के पास खड़े ट्रक के चालक से जब अनाज से संबंधित बिल और अन्य आवश्यक दस्तावेज मांगे गए तो वह मौके पर कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि पूछताछ के दौरान संबंधित व्यक्ति ने खुद को ट्रक का चालक मानने से भी इनकार कर दिया।
जानकारी के मुताबिक कुछ देर बाद संबंधित अनाज व्यापारी का पुत्र युवराज सिंह मौके पर पहुंचा और ट्रक को वापस गुनौर की ओर ले गया। इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं कि ट्रक में लदा अनाज कहां से आया था और कहां ले जाया जा रहा था तथा उसके परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज मौजूद थे या नहीं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मामले की सूचना तत्काल गुनौर तहसीलदार और मंडी के जिम्मेदार अधिकारियों को दी गई थी। इसके बावजूद मौके पर जांच अथवा कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में संबंधित अधिकारियों और व्यापारी पक्ष का पक्ष सामने आना बाकी है।
मामले को लेकर लोगों का सवाल है कि यदि अनाज का परिवहन बिना आवश्यक दस्तावेजों के किया जा रहा था तो इसकी जांच क्यों नहीं की गई? क्या मंडी शुल्क अथवा शासन के राजस्व से जुड़े नियमों का पालन किया गया था? साथ ही सूचना मिलने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा क्या कदम उठाए गए, यह भी जांच का विषय बताया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि ट्रक के दस्तावेज, अनाज की खरीदी-बिक्री से जुड़े बिल, परिवहन रिकॉर्ड और मंडी से संबंधित अभिलेखों की जांच की जाए। जांच में यदि किसी तरह की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित व्यक्तियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।




