छिंदवाड़ा, जीशान अंसारी। छिंदवाड़ा के जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। अस्पताल में भर्ती 28 वर्षीय मीना प्रजापति और उनके नवजात बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में देरी और अनदेखी का आरोप लगाया है। जिस घर में बच्चे की किलकारियां गूंजने वाली थीं, वहां अचानक मातम छा गया, जिससे आक्रोशित परिजनों ने कोतवाली थाने के समक्ष सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया।
प्रसव पीड़ा के बावजूद डॉक्टरों ने की देरी, 10 मिनट के अंतराल में मां और बच्चे दोनों ने तोड़ा दम
परिजनों का कहना है कि मीना बीते तीन दिनों से अस्पताल में भर्ती थीं। प्रसव पीड़ा बढ़ने पर परिजनों ने डॉक्टरों से बार-बार गुहार लगाई कि समय रहते सिजेरियन ऑपरेशन कर दिया जाए, लेकिन चिकित्सकों ने निवेदन को अनसुना कर दिया। काफी देरी से जब ऑपरेशन किया गया, तब तक नवजात की मौत हो चुकी थी। इस सदमे के महज 10 मिनट बाद प्रसूता मीना ने भी दम तोड़ दिया।
पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच, निष्पक्ष कार्रवाई का दिया आश्वासन
घटना के बाद उग्र परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कोतवाली थाने के सामने उग्र प्रदर्शन किया। सड़क पर जाम की स्थिति निर्मित होते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और परिजनों से बातचीत कर स्थिति को संभाला। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम करते हुए पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने परिजनों को भरोसा दिलाया है कि आरोपों की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।














