भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील की अनदेखी करने वाले नेताओं पर मध्य प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार अब अनुशासनहीनता करने वाले नेताओं पर कार्रवाई के मूड में नजर आ रही है। बड़े वाहन काफिले और स्वागत रैलियां निकालकर शक्ति प्रदर्शन करने वाले नेताओं को 17 मई को भोपाल तलब किया गया है। पार्टी हाईकमान ने महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव, सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष वीरेंद्र गोयल और पिछड़ा वर्ग मोर्चा के अध्यक्ष पवन पाटीदार को भोपाल बुलाया है। इन नेताओं से वन-टू-वन चर्चा की जाएगी। बताया जा रहा है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है और पद भी जा सकता है। इन नेताओं पर बड़े काफिले निकालने, ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा करने और संगठन की सादगी व अनुशासन संबंधी गाइडलाइन की अनदेखी करने के आरोप हैं।


जानकारी के अनुसार, पवन पाटीदार ने ग्वालियर में थार गाड़ियों के साथ बड़ी रैली निकाली थी। वहीं रेखा यादव के छतरपुर दौरे में लग्जरी गाड़ियों का लंबा काफिला देखने को मिला, जिससे ट्रैफिक प्रभावित हुआ। दूसरी ओर वीरेंद्र गोयल ई-रिक्शा में जरूर बैठे, लेकिन उनके पीछे समर्थकों की गाड़ियों का लंबा काफिला चलता रहा। पार्टी पहले भी अनुशासनहीनता के मामलों में कार्रवाई कर चुकी है। इससे पहले सौभाग्य सिंह के प्रशासनिक अधिकार सीमित किए गए थे, जबकि भाजपा किसान मोर्चा के भिंड जिला अध्यक्ष सज्जन सिंह यादव को पद से हटाया जा चुका है।