मुंबई। अदाणी एंटरप्राइजेज के निदेशक प्रणव अदाणी ने सोमवार को घोषणा की कि उन्होंने मुंबई पुलिस के वाहन बेड़े में 100 नई गाड़ियों को शामिल करने के लिए 15 करोड़ रुपए का योगदान दिया है। यह पहल मुंबई की पुलिसिंग क्षमता और सुरक्षा अवसंरचना को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से की गई है।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट शेयर करते हुए प्रणव अदाणी ने कहा कि यह योगदान मुंबई पुलिस के उन अधिकारियों और कर्मचारियों के सम्मान में दिया गया है, जो दिन-रात शहर की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटे रहते हैं।
उन्होंने पोस्ट में कहा, "हम खाकी वर्दी में मौजूद उन बहादुर महिलाओं और पुरुषों को सलाम करते हैं, जो मुंबई को सुरक्षित बनाए रखने के लिए चौबीसों घंटे काम करते हैं।"
प्रणव अदाणी ने आगे कहा कि मुंबई पुलिस के वाहन बेड़े को मजबूत बनाने में योगदान देने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है।
मुंबई पुलिस फाउंडेशन ने भी अदाणी फाउंडेशन के इस योगदान की सराहना की। फाउंडेशन ने कहा कि यह सहयोग न केवल पुलिस कर्मियों के कल्याण में सहायक होगा, बल्कि मुंबई और उसके नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था को भी और मजबूत करेगा।
मुंबई पुलिस फाउंडेशन ने एक एक्स पोस्ट में कहा कि इस योगदान के सिलसिले में प्रणव अदाणी ने मुंबई पुलिस मुख्यालय का भी दौरा किया। इस दौरान पुलिस बल की आवश्यकताओं और सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
प्रणव अदाणी ने कहा कि वह उस पुलिस बल के समर्थन में अपनी छोटी-सी भूमिका निभाकर गर्व महसूस करते हैं, जो "कभी न सोने वाले शहर" मुंबई की सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य करता है।
इस बीच, इसी महीने की शुरुआत में प्रणव अदाणी ने केंद्र सरकार की नई 'समुद्र मंथन' योजना का भी स्वागत किया था। उन्होंने कहा था कि यह योजना भारत की विशाल अपतटीय ऊर्जा क्षमता को विकसित करने, घरेलू तेल और गैस अन्वेषण को गति देने तथा देश की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है और 'समुद्र मंथन' योजना अपतटीय ऊर्जा संसाधनों के दोहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उनके अनुसार, यह पहल घरेलू अन्वेषण एवं उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ ऊर्जा क्षेत्र में उद्योगों के बीच सहयोग को भी मजबूत करेगी और विकसित भारत के ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।

















