बालाघाट, रितेश सोनी । जिले की परसवाड़ा तहसील में कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के बफर जोन से लगे ग्राम पंचायत कुमादेही के पर्रापुर गांव में बाघ के हमले से 45 वर्षीय महिला की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पर्रापुर बैगाटोला निवासी सुगनी बाई धुर्वे शनिवार रात भोजन करने के बाद परिवार के साथ घर में सो रही थीं। देर रात करीब 1 से डेढ़ बजे जंगल से आया बाघ घर में घुस गया और सो रही महिला पर हमला कर उसे मुंह में दबाकर बाहर ले गया।
महिला की चीख सुनकर परिजन जागे और शोर मचाते हुए टॉर्च की रोशनी में बाघ का पीछा किया। घर के पास दलदली जगह और ग्रामीणों की हलचल के कारण बाघ महिला को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। गंभीर रूप से घायल सुगनी बाई को बैहर सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बीएमओ डॉ. अनंत लिल्हारे के मुताबिक महिला के सिर पर गंभीर चोट लगने से उनकी मौत हुई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के बाद गांव में बाघ को लेकर दहशत के साथ ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब एक महीने से बाघ गांव के आसपास घूमकर मवेशियों का शिकार कर रहा था, लेकिन समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए।
ग्रामीणों ने बाघ को पकड़ने के लिए तत्काल पिंजरा लगाने और मृतका के परिवार को जल्द मुआवजा देने की मांग की है। वन विभाग की ओर से परिवार को प्रारंभिक आर्थिक सहायता देते हुए शासन के नियमानुसार मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया गया है। विभाग ने ग्रामीणों से रात के समय सतर्क रहने, घरों के दरवाजे बंद रखने और जंगल की ओर अकेले नहीं जाने की अपील की है।
इस घटना ने एक बार फिर कान्हा के बफर जोन से लगे इलाकों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को सामने ला दिया है। ग्रामीण अब बाघ के आतंक से राहत दिलाने के लिए वन विभाग से जल्द प्रभावी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।




