सागर, स्वाती सोलंकी। मध्य प्रदेश के सागर जिले में अवैध विस्फोटक पदार्थों की अवैध खरीद-फरोख्त और तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बहेरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मझगुंवा में पुलिस ने एक बाड़े पर दबिश देकर भारी मात्रा में पहाड़ों और खदानों में ब्लास्टिंग के काम आने वाला इमल्शन एक्सप्लोसिव बरामद किया है। तस्करों ने कानून से बचने के लिए विस्फोटक सामग्री को बेहद शातिराना अंदाज में भूसे के बड़े ढेर के नीचे छिपाकर रखा हुआ था और यहीं से अवैध सप्लाई नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
मकरोनिया सीएसपी राहुल कटरे के नेतृत्व में बहेरिया थाना पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि मझगुंवा निवासी दुलीचंद पटेल के बाड़े में भारी मात्रा में गैरकानूनी विस्फोटक छिपाकर रखा गया है। सूचना की तस्दीक होते ही पुलिस बल ने बताए गए ठिकाने पर आकस्मिक घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान जब मवेशियों के चारे वाले बाड़े में भूसे को हटाया गया, तो वहां अलग-अलग कंपनियों के इमल्शन एक्सप्लोसिव की 30 से 35 पेटियां दबी मिलीं। इसके साथ ही ब्लास्टिंग से जुड़ी अन्य सहायक सामग्री भी बरामद की गई।
ये भी पढ़ें




खनन और ब्लास्टिंग में होता है इस्तेमाल, सुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवाल
बरामद किया गया इमल्शन एक्सप्लोसिव मुख्य रूप से पत्थर खदानों और पहाड़ों को उड़ाने के लिए अत्यधिक शक्तिशाली ब्लास्टिंग में उपयोग किया जाता है। घनी ग्रामीण आबादी के बीच बिना किसी सुरक्षा मानक, वैध लाइसेंस और वैधानिक अनुमति के इतनी भारी मात्रा में विस्फोटक का भंडारण किया जाना एक गंभीर सुरक्षा चूक और बड़ी आपराधिक साजिश की ओर इशारा कर रहा है। यदि भूसे के ढेर में रखे इस विस्फोटक में किसी कारणवश चिंगारी लग जाती, तो पूरे गांव में भीषण तबाही मच सकती थी।
बीडीएस टीम ने की तकनीकी जांच, सप्लायर नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
मामले की संवेदनशीलता और खतरे को देखते हुए जिला मुख्यालय से तत्काल बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS) की विशेष टीम को मौके पर तलब किया गया। बीडीएस विशेषज्ञों ने विस्फोटक सामग्री को सुरक्षित घेरे में लेकर उसकी रासायनिक संरचना और तकनीकी पहलुओं की सूक्ष्म जांच शुरू कर दी है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पंचनामा तैयार कर जब्त सामग्री के कुल वजन और वास्तविक बाजार मूल्य का आधिकारिक आकलन करने में जुटे हैं।
सीएसपी मकरोनिया राहुल कटरे के अनुसार, पुलिस ने संबंधित ठिकाने को सील कर मुख्य आरोपियों और सप्लायरों के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम की गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही है कि यह विस्फोटक किस वैध मैगजीन या फैक्ट्री से अवैध रूप से बाहर निकाला गया था, इसे किन खनन माफियाओं को बेचा जाना था और इस अंतरजिला सिंडिकेट में कौन-कौन लोग शामिल हैं।















