छिंदवाड़ा, जीशान अंसारी। सूफियाना परंपरा, रूहानियत और आपसी भाईचारे के पैगाम के साथ छिंदवाड़ा में हज़रत क़िब्ला सूफ़ी सैय्यद असग़र अली शाहे रूम्वी अलैहि रहमान का 36वां सालाना उर्स-ए-पाक 16 से 19 अक्टूबर तक मनाया जा रहा है। रिसाला मस्जिद के पास हज़रत भैय्याजी अताउल्लाह शाह रहमतुल्लाह अलैह के आस्ताने पर आयोजित इस चार दिवसीय उर्स में धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला के साथ चादर शरीफ, मिलाद शरीफ, महफिल-ए-समा और लंगर का आयोजन किया जा रहा है।


उर्स का आगाज़ शुक्रवार, 16 अक्टूबर को सुबह क़ुरआन-ख़्वानी से होगा। दोपहर 2 बजे महिलाओं की मिलाद शरीफ आयोजित की जाएगी। मगरिब बाद सलातो-सलाम और परचम-कुशाई की रस्म अदा होगी। परचम-कुशाई गद्दीनशीन एवं सज्जादानशीन सूफ़ी सैय्यद इस्माईल अली शाहे रूम्वी के हाथों की जाएगी। सभी कार्यक्रम उनकी सरपरस्ती में आयोजित होंगे।


शनिवार, 17 अक्टूबर को शाम 5 बजे पुराना छापाखाना स्थित दरे-मुर्शिद से ख़ानक़ाही चादर शरीफ निकाली जाएगी। रात में ज़िक्र-ए-पाक और महफिल-ए-समा होगी। रविवार, 18 अक्टूबर को सुबह 10 बजे कुल शरीफ की फातिहा अदा की जाएगी, जबकि शाम 5 बजे आम चादर शरीफ निकलेगी। रात में मिलाद शरीफ और महफिल-ए-समा का आयोजन होगा।


उर्स के अंतिम दिन सोमवार, 19 अक्टूबर को सुबह 10 बजे ग़ुस्ल-ए-मज़ार-ए-पाक, रंग-ए-महफिल और दुआएं-ए-ख़ैर के कार्यक्रम होंगे। आयोजन के दौरान तीन दिनों तक दोपहर और रात में लंगर की व्यवस्था भी की गई है।


इस सालाना उर्स में छिंदवाड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों और अन्य राज्यों से बाबा के मुरीदैन, अकीदतमंद, श्रद्धालु एवं विभिन्न धर्मों के लोग शामिल होंगे। आयोजन को सूफियाना परंपरा, इंसानियत, मोहब्बत और आपसी सद्भाव के संदेश से जोड़कर देखा जा रहा है। उर्स-ए-पाक से संबंधित जानकारी सूफ़ी इश्तियाक अहमद बेग उर्फ अमन भाई ने दी।