छिंदवाड़ा, जीशान अंसारी। छिंदवाड़ा में एक विवाहिता की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मां का आरोप है कि उसकी बेटी को दहेज की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ित किया गया, मारपीट की गई और आखिरकार उसे आत्महत्या करने पर मजबूर कर दिया गया। घटना के बाद परिजन इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक आरोपियों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से परिवार में भारी आक्रोश है।
मृतका नीलम बेलवंशी का विवाह परासिया तहसील के ग्राम मोटार निवासी शीतल कुमार बेलवंशी से हुआ था। मृतका की मां सुशीला सिगोटिया ने सिटी कोतवाली थाना में दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि शादी के कुछ समय बाद से ही पति और ससुर द्वारा 5 लाख रुपये और मोटरसाइकिल की मांग की जाने लगी थी। मांग पूरी नहीं होने पर नीलम के साथ गाली-गलौज, मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की जाती थी परिजनों का कहना है कि करीब दो वर्ष पहले भी नीलम के साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी। उस समय भी मामला पुलिस तक पहुंचा था, लेकिन समझाइश के बाद बेटी को फिर ससुराल भेज दिया गया।
परिवार का आरोप है कि इसके बाद भी प्रताड़ना बंद नहीं हुई और लगातार दबाव बनाया जाता रहा। 15 मई को अचानक सूचना मिली कि नीलम ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया है। परिजनों का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि लगातार प्रताड़ना का नतीजा है। मां ने आवेदन में साफ लिखा है कि उसकी बेटी को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया गया और घटना की जानकारी भी देर से दी गई। अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि पहले शिकायतें हुई थीं तो समय रहते सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई? आखिर एक बेटी की जान जाने के बाद ही व्यवस्था क्यों जागती है? मृतका के परिजनों ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में भी चर्चा का माहौल बना हुआ है।



