मैहर, पुष्पेन्द्र कुशवाहा। जिले में आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। बदेरा क्षेत्र के ग्राम सड़ेरा शांतिपुर में प्राकृतिक आपदा का सबसे अधिक असर देखने को मिला, जहां तेज हवाओं के कारण कई मकानों की छप्पर उड़ गईं, पेड़ गिर गए और घरों में पानी भर गया।
ग्रामीणों के अनुसार तूफान इतना तेज था कि देखते ही देखते कई कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए। अनेक परिवारों का घरेलू सामान भी बारिश के पानी में भीगकर खराब हो गया। पेड़ों के गिरने से रास्तों पर अवरोध उत्पन्न हो गया और लोगों को आवागमन में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रभावित परिवारों का कहना है कि उनके घर रहने योग्य नहीं बचे हैं और अब उनके सामने सुरक्षित आश्रय का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नुकसान का सर्वे कराया जाए तथा प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत राशि, भोजन और अस्थायी आवास की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेगा और पीड़ित परिवारों को आवश्यक सहायता प्रदान करेगा, ताकि वे इस संकट की घड़ी से उबर सकें।




