भोपाल , जीतेन्द्र यादव। मध्यप्रदेश की राजधानी के पॉश इलाके हबीबगंज में एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने पड़ोस और रिश्तों के भरोसे को तार-तार कर दिया है। एक 5 साल की मासूम बच्ची, जो अपने पड़ोस में रहने वाले बुजुर्ग को 'नाना' कहकर पुकारती थी, उसी बुजुर्ग ने मासूमियत का गला घोंटते हुए उसके साथ दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। आरोपी पेशे से वकील है और समाज में एक प्रतिष्ठित पद पर होने के बावजूद उसने इस शर्मनाक कृत्य को अंजाम देकर सबको स्तब्ध कर दिया है।
घटना रविवार की है, जब मासूम बच्ची हमेशा की तरह पड़ोस में रहने वाले 70 वर्षीय एडवोकेट के घर उसकी नातिन के साथ खेलने गई थी। मासूम को क्या पता था कि जिस घर में वह अपनी सहेली के साथ खिलौनों से खेलने जाती है, वहां उसकी सुरक्षा ही खतरे में पड़ जाएगी। आरोपी ने इसी भरोसे और मौके का फायदा उठाया और मासूम को बहला-फुल्का कर कमरे के अंदर ले गया, जहाँ उसने उसके साथ हैवानियत की। आरोपी अपनी बेटी और नातिन के साथ रहता है, जिससे किसी को उस पर संदेह नहीं था।
वारदात का खुलासा तब हुआ जब बच्ची किसी तरह अपने घर पहुँची। मासूम के शरीर पर चोट के निशान और उसकी हालत देखकर मां का कलेजा मुंह को आ गया। जब मां ने घबराकर चोट के बारे में पूछा, तो बच्ची ने रुंधे गले से अपनी मासूम जुबान में बताया कि 'नाना ने गंदी हरकत की है।' यह सुनते ही परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। मां तुरंत बच्ची को लेकर अस्पताल भागी, जहाँ प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने दुष्कर्म की पुष्टि कर दी। इसके बाद बिना वक्त गंवाए परिजन हबीबगंज थाने पहुँचे।
पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के निर्देश पर आरोपी वकील के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की दुष्कर्म संबंधी धाराओं और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस की टीम ने दबिश देकर 70 वर्षीय आरोपी को उसके घर से ही दबोच लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसकी करतूतों की गंभीरता को देखते हुए उसे सीधे जेल भेज दिया गया है। पीड़िता के पिता, जो कि एक डिफेंस ऑफिसर हैं, अब अपनी बेटी के लिए न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इस तरह के जघन्य अपराधों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो। पुलिस अब मामले की चार्जशीट जल्द से जल्द तैयार कर रही है ताकि फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रायल चलाकर आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जा सके। इस घटना ने एक बार फिर अभिभावकों को सचेत कर दिया है कि वे अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर हर पल चौकन्ने रहें, क्योंकि कभी-कभी खतरा उन्हीं के करीब होता है जिन पर वे सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं।



