सोमनाथ, 9 मई । गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित सोमनाथ मंदिर को भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। यह स्थान सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास का बड़ा केंद्र है, जहां हर साल देशभर से लाखों श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। अमृत पर्व के अवसर पर शनिवार को मध्य प्रदेश से करीब 1100 श्रद्धालु एक विशेष ट्रेन के जरिए महादेव के दर्शन करने पहुंचे। इस दौरान पूरा वातावरण 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गूंज उठा।इस मौके पर सोमनाथ ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। हर श्रद्धालु को 'लघु मृत्युंजय हवन किट' और प्रसाद दिया गया। इस हवन किट में गाय के गोबर से बनी हवन कुंडी, सुगंधित धूप और पवित्र जल की एक बोतल शामिल थी। श्रद्धालुओं ने इसे एक अनोखी और सराहनीय पहल बताया।
कई श्रद्धालुओं ने कहा कि इस तरह की व्यवस्था से उनकी यात्रा और भी खास बन गई। मंदिर प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने दर्शन, सुरक्षा और ठहरने की बेहतरीन व्यवस्था की थी, जिसकी सभी ने खुलकर प्रशंसा की। श्रद्धालुओं का कहना था कि इतने सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से दर्शन कर पाना उनके लिए यादगार अनुभव रहा।
इस विशेष तीर्थ यात्रा की शुरुआत 7 मई को भोपाल से हुई थी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से 'सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा 2026' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इस पहल का उद्देश्य श्रद्धालुओं को संगठित और सुविधाजनक तरीके से तीर्थ यात्रा का अवसर उपलब्ध कराना था।
यह यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और भारतीय परंपरा से जुड़ी एक विशेष पहल के रूप में भी देखी जा रही है। पहली बार मध्य प्रदेश से रेल मार्ग के जरिए इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को एक साथ सोमनाथ मंदिर भेजा गया। इससे लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला और यह यात्रा एक बड़े धार्मिक उत्सव की तरह बन गई।

