सतना, अंबिका केसरी। शहर में स्मार्ट सिटी और सीवर परियोजना के नाम पर खोदी गई सड़कों की बदहाली को लेकर व्यापारियों का सब्र अब टूट चुका है। पिछले पांच वर्षों से खराब सड़कों और अधूरे निर्माण कार्यों की मार झेल रहे व्यापारियों ने शनिवार को जय स्तम्भ चौक पर अनोखा प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। व्यापारियों ने सड़क के बीचों-बीच बने गड्ढों में बैठकर नारेबाजी की और मांग की कि या तो शहर की सड़कों को तुरंत दुरुस्त किया जाए या फिर सभी व्यापारियों को इन्हीं गड्ढों में समाहित कर दिया जाए।


व्यापारियों का आरोप है कि शहर के विकास के नाम पर पहले जलावर्धन योजना और फिर सीवर लाइन बिछाने के लिए पूरी सड़कों को छलनी कर दिया गया। काम पूरा होने के बाद रोड रिस्टोरेशन (सड़क मरम्मत) के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है। कई स्थानों पर सिर्फ मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया, जो मामूली बारिश में ही धंस जाती है और गहरे गड्ढों का रूप ले लेती है। इन जानलेवा गड्ढों के कारण आए दिन वाहन फंस रहे हैं और राहगीर चोटिल हो रहे हैं।


विरोध प्रदर्शन कर रहे दुकानदारों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि सड़कों की खुदाई के कारण ग्राहकों ने उनके बाजार की ओर रुख करना कम कर दिया है। धूल और कीचड़ के बीच दुकानदारी करना दूभर हो गया है, जिससे कई व्यापारियों के सामने दुकान का किराया, बिजली बिल और कर्मचारियों का वेतन देने तक का संकट खड़ा हो गया है। व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन स्मार्ट सिटी के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा तो करता है, लेकिन धरातल पर शहरवासियों को केवल असुविधा और हादसे ही मिल रहे हैं।


व्यापारी संगठनों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बरसात का मौसम शुरू होते ही शहर की सड़कें और गलियां मौत का कुआं बन जाती हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़कों की स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई और शहर को गड्ढा मुक्त नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में व्यापारी अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करेंगे। व्यापारियों ने मांग की है कि प्रशासन एक समयसीमा तय करे और प्राथमिकता के आधार पर मुख्य मार्गों और बाजारों की सड़कों का जीर्णोद्धार कर शहरवासियों को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति दिलाए।