छतरपुर, विनोद मिश्रा। नगर पालिका परिषद छतरपुर के वार्ड क्रमांक 2 के पार्षद गोविंद तिवारी ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र सौंपकर एक महिला पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और झूठे आरोपों में फंसाने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्षद ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।


पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए आवेदन में आवेदक गोविंद तिवारी (उम्र 46 वर्ष), निवासी दीप्ति कॉलोनी ने बताया कि वह वर्तमान में वार्ड नंबर 2 से पार्षद हैं। उन्होंने शिकायत में उल्लेख किया है कि करीब डेढ़ वर्ष पूर्व निर्माण कार्य के दौरान शमा खातून नामक महिला द्वारा नगर पालिका के कर्मचारियों और उनके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट का एक झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया गया था। उस समय स्थानीय पार्षदों और नागरिकों द्वारा उनके समर्थन में कोतवाली में विरोध प्रदर्शन कर निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी। इस संबंध में करीब 22-23 पार्षदों ने भी पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच का आग्रह किया था। शिकायत के अनुसार, तत्कालीन सीएमओ माधुरी शर्मा ने भी सिटी कोतवाली को पत्र लिखकर उक्त महिला द्वारा शासकीय कार्य में बाधा डालने का उल्लेख करते हुए कार्रवाई की बात कही थी, लेकिन तत्कालीन थाना प्रभारी अरविंद कुजूर द्वारा इस पर कोई उचित कदम नहीं उठाया गया।


पार्षद गोविंद तिवारी का आरोप है कि विगत दिनों उक्त महिला ने नाटकीय ढंग से कोतवाली परिसर में तेल डालकर हंगामा किया और मीडिया का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। महिला ने अपने पिता की सामान्य मृत्यु को हत्या बताते हुए उनके ऊपर झूठे आरोप मढ़े हैं, जिससे समाज में उनकी प्रतिष्ठा और छवि धूमिल हो रही है। पीड़ित पार्षद ने अपनी शिकायत में कहा है कि उन्हें न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है, इसलिए उक्त महिला द्वारा लगाए जा रहे निराधार आरोपों की निष्पक्षता से जांच कराई जाए। साथ ही महिला के पुराने रिकॉर्ड की भी जांच की जाए ताकि वास्तविक स्थिति पुलिस महकमे के सामने आ सके। उन्होंने आशंका जताई है कि महिला भविष्य में भी उनके खिलाफ कोई गंभीर और झूठी शिकायत कर सकती है, इसलिए इस मामले को समय रहते जांच में लिया जाना बेहद जरूरी है। इस शिकायती पत्र पर पार्षद गोविंद तिवारी के साथ-साथ अन्य साथी पार्षदों के भी हस्ताक्षर मौजूद हैं।