दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव के सियासी समर में कांग्रेस की अंदरूनी नाराजगी अब चुनावी समीकरणों का सबसे बड़ा और अहम मुद्दा बनती नजर आ रही है। टिकट वितरण से असंतुष्ट चल रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अवधेश नायक को साधने के लिए अब कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल पूरी तरह से सक्रिय हो गए हैं। एक ओर जहां कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने अवधेश नायक से मुलाकात कर उनकी नाराजगी दूर करने की कोशिशें बेहद तेज कर दी हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा भी उनके पुराने संघ और सांगठनिक संबंधों के आधार पर उनके खेमे में बड़ी सेंधमारी करने की फिराक में है। इन दोनों प्रमुख दलों की भारी सक्रियता के चलते अवधेश नायक इस समय दतिया उपचुनाव की पूरी राजनीति के मुख्य केंद्र बिंदु बन गए हैं।


पटवारी का लंच और मंच से दिग्विजय की सार्वजनिक माफी

कांग्रेस के भीतर भड़की बगावत की आग को शांत करने के लिए पार्टी ने बड़े स्तर पर अपना डैमेज कंट्रोल अभियान शुरू कर दिया है। सोमवार को दतिया में आयोजित कांग्रेस की विशाल जनसभा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मंच से एक बेहद चौंकाने वाला बयान दिया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया कि वर्ष 2023 के मुख्य विधानसभा चुनाव में अवधेश नायक का टिकट कटने में उनकी ही मुख्य भूमिका थी। दिग्विजय सिंह ने मंच से नायक से हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए कहा कि तब टिकट नहीं होने देने का फैसला उनकी वजह से हुआ था। इससे पहले, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी खुद अवधेश नायक के निवास पर पहुंचे थे, जहाँ उन्होंने नायक के साथ बंद कमरे में चर्चा की और साथ में भोजन (लंच) भी किया था। राजनैतिक विश्लेषक इसे कांग्रेस द्वारा अपने रूठे नेता को मनाने की पुरजोर कोशिश मान रहे हैं।


अवधेश नायक के घर पहुंचे आशुतोष तिवारी

कांग्रेस के इस डैमेज कंट्रोल के बीच भाजपा ने भी मौके का फायदा उठाने के लिए अपनी रणनीति के तहत बड़ी सेंधमारी शुरू कर दी है। सोमवार शाम को भाजपा के घोषित प्रत्याशी आशुतोष तिवारी अचानक अवधेश नायक के घर पहुंच गए। दोनों ही नेताओं के बीच हुई इस अनौपचारिक मुलाकात की तस्वीरें जैसे ही सोशल मीडिया पर सामने आईं, दतिया से लेकर भोपाल तक राजनैतिक गलियारों में अवधेश नायक के भविष्य को लेकर चर्चाएं और कयासबाजी सातवें आसमान पर पहुंच गई। भाजपा की यह रणनीतिक पहल इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि अवधेश नायक का शुरुआती लंबा राजनीतिक सफर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और खुद भाजपा से जुड़ा रहा है और पार्टी उनके इसी पुराने जुड़ाव को भुनाना चाहती है।


भाजपा में जाने की अटकलों पर नायक का फिलहाल विराम

तमाम अटकलों और राजनैतिक मुलाकातों के बीच स्वयं अवधेश नायक ने फिलहाल अपने अगले कदम को लेकर सस्पेंस बरकरार रखा है। भाजपा में घर वापसी की चल रही तेज अटकलों पर अस्थायी रूप से विराम लगाते हुए अवधेश नायक ने कहा कि अभी तक उन्होंने ऐसा कोई भी जल्दबाजी में निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया, "मैं अपने साथियों, समर्थकों और जमीनी कार्यकर्ताओं से लगातार संवाद कर रहा हूँ। उनकी राय और फीडबैक लेने के बाद ही मैं अपनी आगे की राजनैतिक रणनीति और भविष्य का रुख तय करूँगा।" अवधेश नायक के इस रुख के बाद अब दतिया उपचुनाव के इस महामुकाबले में उनकी अंतिम भूमिका पर भाजपा, कांग्रेस और आजाद समाज पार्टी समेत सभी राजनैतिक दलों की पैनी नजरें लगातार बनी हुई हैं।