दमोह, राजेन्द्र तिवारी। जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र में अवैध शराब तस्करी को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि जबलपुर स्टेट हाईवे पर एक लग्जरी कार से 34 पेटी अवैध शराब पकड़े जाने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ समय पर FIR दर्ज नहीं की। इसके विरोध में संगठन के कार्यकर्ताओं को पूरी रात थाने के बाहर धरना प्रदर्शन करना पड़ा।


जानकारी के अनुसार रविवार शाम करीब 5 बजे संगठन के कार्यकर्ताओं ने तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र में एक लग्जरी कार को पकड़कर उसमें से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की। कार्यकर्ताओं का दावा है कि पिछले एक सप्ताह से इस मार्ग पर लगातार अवैध शराब की तस्करी की जा रही थी, लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही थी।


संगठन ने आरोप लगाया कि शराब तस्करों को पुलिस का संरक्षण प्राप्त है और इसी वजह से कार्रवाई में लगातार लापरवाही बरती जा रही है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि शराब से भरी कार और आरोपी पुलिस की हिरासत में होने के बावजूद घंटों तक मामला दर्ज नहीं किया गया, जिससे पुलिस की भूमिका संदिग्ध नजर आने लगी।


पुलिस की कार्यशैली से नाराज संगठन के कार्यकर्ताओं ने तेंदूखेड़ा थाने के बाहर रातभर धरना दिया और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि तेंदूखेड़ा शराब दुकान के मैनेजर और पुलिस की कथित मिलीभगत से ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब की सप्लाई की जा रही है।


इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अवैध शराब बरामद हो चुकी थी और आरोपी हिरासत में थे, तो FIR दर्ज करने में इतनी देरी क्यों की गई। फिलहाल मामले में पुलिस अधिकारियों की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।