संयुक्त राष्ट्र। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में कहा कि रूस का तेल उद्योग संकट में हैं लेकिन यूक्रेन का निशाना कभी भी तेल, कारखाने या बंदरगाह नहीं थे। हम बस रूस को क्रूर और विनाशकारी बनाने वाली क्षमता को रोक रहे हैं।
जेलेंस्की ने कहा कि इस साल की शुरुआत से अब तक रूस ने यूक्रेन के खिलाफ अलग-अलग तरह की 2,100 से ज्यादा मिसाइलें दागीं। सोच के देखिए अगर आपके देश की सामने ऐसी स्थिति हो तो कैसा महसूस होगा।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''रूस के इतिहास में पहली बार अब हमें सुनने को मिल रहा है कि जिस तेल उद्योग पर उसे गर्व रहा है, उसकी हालत बेहद खराब हो रही है और वह मुश्किल से चल पा रहा है। हालांकि यूक्रेन का निशाना तेल उद्योग नहीं है। न पेट्रोल या डीजल और न ही फैक्ट्रियां या बंदरगाह हमारे निशाने पर हैं।
उन्होंने कहा कि हमारा असली मकसद रूस की उस क्षमता को कमजोर करना है, जिससे वह इस युद्ध के लिए पैसा जुटाता है, इसे लंबा खींचता है और इसे ज्यादा क्रूर और विनाशकारी बनाता है।'' यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि करीब पांच साल से रूसी जनरल पुतिन के उस बेतुके आदेश को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें हमारे पूर्वी इलाके, यानी डोनेट्स्क क्षेत्र पर कब्जा करने को कहा गया है।
उन्होंने कहा कि सिर्फ इस साल जनवरी से अगस्त के बीच रूसी सेना ने यूक्रेन के युद्ध के मैदान में 2,48,964 सैनिक गंवाए। सिर्फ आठ महीनों में करीब 2.48 लाख सैनिक मारे गए या गंभीर रूप से घायल हुए। दुनिया में 21 ऐसे देश हैं, जिनकी आबादी इन आठ महीनों में रूस की ओर से गंवाए गए सैनिकों की संख्या से भी कम है।
उन्होंने बताया कि इस साल की शुरुआत से अब तक रूस ने यूक्रेन के खिलाफ अलग-अलग तरह की 2,100 से ज्यादा मिसाइलों का इस्तेमाल किया है। इनमें 950 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें थीं।
इस साल के आठ महीनों में रूस ने यूक्रेन के खिलाफ अलग-अलग तरह के 63,000 हमलावर ड्रोन इस्तेमाल किए। इनमें 7,700 से ज्यादा जेट इंजन से चलने वाले ‘शाहेद’ ड्रोन थे, जो बेहद विनाशकारी और खतरनाक हथियार हैं।
जेलेंस्की ने कहा, ''सोचिए, अगर भगवान न करे आपके देश को भी ऐसी स्थिति का सामना करना पड़े, तो क्या आपका देश इसे झेल पाएगा? यूक्रेन ने इसे झेला है।”













