मुंबई। अभिनेता प्रतीक चौधरी टेलीविजन इंडस्ट्री का जाना-माना नाम हैं। उनका मानना है कि आज के समय में किसी शो के लिए एक्टर चुनते समय मेकर्स उनसे सोशल मीडिया फॉलोअर्स इसलिए देखते हैं, ताकि उन्हें शो के लिए एक बनी-बनाई ऑडियंस मिल सके।अभिनेता का कहना है कि एक एक्टर के जितने ज्यादा फॉलोअर्स होंगे, शो को उतने ही ज्यादा दर्शक मिलने की उम्मीद रहती है। इस तरह से एक्टर का सोशल मीडिया एक तरह से मेकर्स के लिए इन्वेस्टमेंट की तरह काम करता है।
अभिनेता ने यह भी माना कि वे अच्छा काम करने में विश्वास रखते हैं। उन्होंने आईएएनएस के साथ बात करते हुए कहा, "मैं इन सभी बातों पर विश्वास नहीं करता, बल्कि मैं समय पर विश्वास रखता हूं। मैं बस यही कहना चाहता हूं कि अगर आपका काम अच्छा है, भले ही आज आपका समय ठीक नहीं है या काम नहीं मिल रहा है, लेकिन एक दिन आपका समय भी आएगा और काम भी मिलेगा। फिर आपको फर्क नहीं पड़ेगा कि आपके कितने फॉलोअर्स हैं।"
अभिनेता से आईएएनएस ने सवाल किया, "अगर किसी एक्टर के बहुत ज्यादा फॉलोअर्स हैं, लेकिन एक्टिंग एवरेज है, तो क्या उसे ज्यादा मौके मिल सकते हैं?"
इस सवाल का जवाब देते हुए अभिनेता ने कहा, "मुझे लगता है कि इंडस्ट्री में रहने के लिए हर किसी को एक्टिंग तो आनी ही चाहिए। क्योंकि अगर आप इसमें ही निपुण नहीं हैं, तो लंबी रेस का हिस्सा नहीं बन पाओगे। एक्टिंग निश्चित रूप से सबसे पहली प्राथमिकता है। उसके बाद बाकी सब चीजें आती हैं, चाहे वो आपके लुक्स हों, फिटनेस हो या हेल्थ।"
अभिनेता ने आगे टेलीविजन इंडस्ट्री में टाइपकास्ट को लेकर कहा, "एक्टर्स अपनी परफॉर्मेंस से दर्शकों के दिलों में ऐसी छाप छोड़ जाते हैं कि लोग उस किरदार से जुड़ जाते हैं, जिससे एक एक्टर को उस तरह के रोल से अलग देखना उनके लिए मुश्किल हो जाता है। मुझे लगता है कि एक तरह से यह अच्छी बात भी है, क्योंकि आपने इतनी दमदार परफॉर्मेंस दी है कि दर्शक आपको दूसरे रोल में सोच ही नहीं पाते। यह हालत सिर्फ टेलीविजन में नहीं, बल्कि फिल्मों में भी देखने को मिलती है।"
उन्होंने आगे कहा, "जब भी कोई एक्टर नेगेटिव रोल करता है, जैसे अमरीश पुरी जी, प्रेम चोपड़ा जी या शक्ति कपूर जी, तो सबसे पहले हमारे दिमाग में उनका वही किरदार आता है। यह किरदार और परफॉर्मेंस पर निर्भर करता है। अगर आपने इतनी दमदार परफॉर्मेंस दी है कि दर्शकों के लिए आपको दूसरे रोल में स्वीकार करना मुश्किल हो जाए, तो यह भी एक तरह की तारीफ ही है। मैंने यह संजीव (अभिनेता द्वारा निभाया गया किरदार) के साथ महसूस किया है। आज भी मेरे फैंस मुझे संजीव या अश्विन कहकर बुलाते हैं और उन किरदारों के बारे में बहुत बात करते हैं। मुझे लगता है कि हर एक्टर को इसे एक तारीफ के तौर पर लेना चाहिए।"
















