छतरपुर। कलेक्टर मृणाल मीना की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की जल संसाधन परियोजनाओं में उपलब्ध जल के आधार पर रबी सिंचाई की तैयारियों की समीक्षा की गई। इस वर्ष जिले में कुल 82,178 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई प्रस्तावित है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 550 हेक्टेयर अधिक है। किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 28 अक्टूबर 2026 से विभिन्न परियोजनाओं की नहरों में पानी छोड़ने का प्रस्ताव रखा गया।
कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग छतरपुर एवं जिला जल उपयोगिता समिति के सचिव राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि इस वर्ष जिले की वृहद एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं में पूर्ण जल भराव क्षमता के साथ पानी उपलब्ध है। वहीं, लघु सिंचाई योजनाओं में भी लगभग 98 प्रतिशत जल उपलब्ध है। बैठक में विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को पानी उपलब्ध कराने, लघु सिंचाई योजनाओं में जल की उपलब्धता के अनुसार सिंचाई व्यवस्था करने तथा कम जल उपलब्धता वाली योजनाओं में निस्तार के लिए पानी सुरक्षित रखने के संबंध में चर्चा की गई। इसके साथ ही नगरीय निकायों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के विषय पर भी विचार-विमर्श किया गया।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को सुचारू एवं सुलभ रूप से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाए। नहरों के माध्यम से जल वितरण की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए सिंचाई व्यवस्था की सतत निगरानी की जाए, ताकि किसानों को रबी फसलों की सिंचाई में परेशानी न हो। साथ ही पेयजल की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए जल का समुचित प्रबंधन किया जाए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नमः शिवाय अरजरिया, उपसंचालक कृषि कल्याण अनिल मिश्रा, महाप्रबंधक जल निगम अनमोल कोचर, संबंधित नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा जल संसाधन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

















