देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले के राजोदा गांव में मंगलवार सुबह नवरात्रि पर्व के तहत आयोजित जवारा विसर्जन कार्यक्रम के दौरान एक अप्रत्याशित और दर्दनाक घटना सामने आई। विसर्जन स्थल पर अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने ग्रामीणों पर हमला बोल दिया, जिससे मौके पर भीषण भगदड़ मच गई। इस हमले में करीब 40 लोग घायल हो गए, जिनमें से 11 लोगों को तत्काल देवास जिला अस्पताल ले जाया गया। वहीं, शरीर पर 200 से अधिक डंक लगने के कारण गंभीर रूप से घायल एक युवक की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत इंदौर के एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया है।
कुएं में नहाते समय छत्ते पर पड़े पानी के छींटे, भड़का झुंड
घटना मंगलवार सुबह करीब 9 बजे की है, जब राजोदा गांव में पारंपरिक रीति-रिवाज से जवारे विसर्जित करने के लिए करीब 200 ग्रामीण गांव के एक कुएं के पास एकत्र हुए थे। विसर्जन प्रक्रिया के दौरान 5 से 6 युवक नहाने के लिए कुएं में कूद गए। कुएं के ठीक ऊपर स्थित पीपल के एक बड़े पेड़ पर मधुमक्खियों का विशाल छत्ता लगा हुआ था। पानी में कूदने के दौरान उछले तेज छींटे सीधे छत्ते पर जा लगे, जिससे उत्तेजित होकर मधुमक्खियों के झुंड ने कुएं के मुहाने और आसपास खड़े श्रद्धालुओं पर अचानक हमला बोल दिया।
जान बचाने के लिए 2 किलोमीटर तक भागे लोग, जाली में छिपकर बची जान
अचानक हुए हमले से मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घायल प्रत्यक्षदर्शी संतोष पाटीदार ने बताया कि मधुमक्खियां लोगों का पीछा कर रही थीं, जिससे बचने के लिए ग्रामीण नीम की डालियों और हाथों से उन्हें हांकते हुए करीब 2 किलोमीटर दूर तक दौड़े। कुछ लोगों ने खुद को पास में रखी एक जाली (नेट) के भीतर छिपाया और लगभग 15 मिनट तक डर के साए में उसी के भीतर दुबके रहकर अपनी जान बचाई। हमले में कई लोगों के सिर, चेहरे और हाथों पर डंक के गहरे निशान बन गए।
गांव में दी गई प्राथमिक ड्रिप, गंभीर घायल इंदौर रेफर
हादसे के बाद गांव में ही स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की मदद से कई मामूली घायलों को ड्रिप चढ़ाई गई और प्राथमिक उपचार दिया गया। गंभीर रूप से प्रभावित 11 लोगों को तुरंत देवास जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. शरद वीरपरा के अनुसार, अस्पताल लाए गए मरीजों में कान्हा नामक युवक की स्थिति अत्यधिक नाजुक थी। उसके शरीर से 200 से अधिक डंक निकाले गए। जहर के अत्यधिक प्रभाव को देखते हुए उसे तुरंत बेहतर उपचार के लिए इंदौर के एमवाय अस्पताल भेजा गया है। अन्य 10 घायलों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।














