क्राइस्टचर्च। भारत के टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को टी20 इंटरनेशनल टीम में अपने मौके का इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा कि वैभव अभी सीधे प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं बना सकते, क्योंकि अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ओपनिंग जोड़ी के तौर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।आईपीएल और अंडर-19 क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद अब वैभव सूर्यवंशी सीनियर स्तर पर आ गए हैं। ऐसे में भारतीय टी20 टीम के सामने यह चुनने की चुनौती है कि अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग पर युवा वैभव सूर्यवंशी या अनुभवी संजू सैमसन में से किसे उतारा जाए। सूर्यवंशी ने अब तक आठ टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं, और ये सभी विदेशी मैदानों पर हुए हैं। भारत ने घरेलू मैचों में अपने भरोसेमंद टॉप-3 खिलाड़ियों को ही मौका दिया है।
अय्यर ने वैभव को लेकर कहा, "यह जरूरी है कि वैभव सूर्यवंशी जैसा टैलेंटेड खिलाड़ी ड्रेसिंग रूम में हमेशा खुश रहे। वह अभी बहुत युवा हैं, उन्हें मौके मिलने में अभी कई साल हैं। ऐसा नहीं है कि वह अभी सीधे टीम में आ सकते हैं, क्योंकि हमारे ओपनर्स लगातार अच्छा खेल रहे हैं और उन्होंने वर्ल्ड कप भी जीता है।"
भारतीय टी20 कप्तान ने आगे कहा, "मैं उनसे बस यही कहता रहता हूं कि तुम्हें मौका जरूर मिलेगा। अगर तुम अपनी तैयारियों और प्रोसेस में लगातार अच्छा करते रहोगे, तो तुम्हें बस थोड़ा इंतजार करना होगा। हमारे पास दो बेहतरीन ओपनर्स हैं।" न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल सीरीज के पहले मैच से पहले अय्यर ने कहा, "वैभव के साथ हमारी यही बातचीत चल रही है।"
हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई टी20 इंटरनेशनल सीरीज में भारत ने लगभग एक जैसी टीम के साथ ही सभी चार मैच खेले, जिसमें टॉप ऑर्डर में सैमसन, अभिषेक और ईशान किशन शामिल थे। इसका मतलब यह हुआ कि 15 साल के इस खिलाड़ी को सीरीज के सभी मैचों में बेंच पर ही बैठना पड़ा, और वह अभी तक अपने घरेलू मैदान पर कोई भी इंटरनेशनल मैच नहीं खेल पाए हैं।
सीनियर तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार लगभग चार साल के लंबे अंतराल के बाद भारतीय टी20 टीम में लौटे हैं। अय्यर का मानना है कि भुवनेश्वर की वापसी से न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में टीम को मजबूती मिलेगी। यह सीरीज गुरुवार से क्राइस्टचर्च में शुरू हो रही है।
अय्यर ने कहा, "जैसा आपने कहा, भुवी के आने से टीम को काफी अनुभव मिला है। पहले हमारे पास इसकी कमी थी, खासकर आईपीएल के बाद हमारे पास कई नए गेंदबाज आ गए थे। अगर आप पिछले दो वर्षों में भुवी का करियर ग्राफ देखें, तो उन्होंने आईपीएल भी जीता है। इसी कारण उन्हें बहुत अच्छे से पता है कि इस फॉर्मेट में कैसे दबदबा बनाना है।"















