लॉस एंजिल्स। स्पेन के मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम के खिलाफ मिली शानदार जीत के बाद अपनी टीम की गहराई, एकता और सभी खिलाड़ियों के योगदान की जमकर तारीफ की। स्पेन ने बेल्जियम को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। स्पेन की इस जीत में कोच के दो अहम फैसले बेहद महत्वपूर्ण साबित हुए। मैच में डे ला फुएंते ने स्टार खिलाड़ी पेड्री की जगह फैबियन रुइज को शुरुआती इलेवन में शामिल किया था। रुइज ने कोच के भरोसे को सही साबित करते हुए स्पेन के लिए मैच में पहला गोल दागा। वहीं, दूसरे हाफ में सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी के तौर पर मैदान पर आए मिकेल मेरिनो ने 88वें मिनट में स्पेन के लिए विजयी गोल किया। मेरिनो को कोच डे ला फुएंते ने मैच के 86वें मिनट में मैदान पर उतारा था।

मेरिनो का यह प्रदर्शन स्पेन के लिए नया नहीं है। वह इससे पहले भी कई बड़े मुकाबलों में बेंच से आकर टीम के लिए अहम गोल कर चुके हैं। उन्होंने यूरो 2024 के क्वार्टर फाइनल में जर्मनी के खिलाफ अतिरिक्त समय में गोल किया था। इसके अलावा, उन्होंने वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 16 मुकाबले में पुर्तगाल के खिलाफ भी निर्णायक गोल किया था।

डे ला फुएंते ने कहा कि किसी खिलाड़ी को शुरुआती टीम में जगह नहीं देना आसान फैसला नहीं होता, लेकिन उनकी टीम का हर खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारी को अच्छी तरह समझता है। उन्होंने कहा कि मैदान पर केवल 11 खिलाड़ी शुरुआत कर सकते हैं, लेकिन टीम में मौजूद हर खिलाड़ी महत्वपूर्ण है। कोच ने कहा, "यह सही नहीं है कि मिकेल शुरुआत से नहीं खेले, लेकिन यह भी सही नहीं होगा कि किसी दूसरे खिलाड़ी को बाहर रखा जाए। हर खिलाड़ी जानता है कि उसे किस परिस्थिति में क्या भूमिका निभानी है। जब भी उन्हें मौका मिलता है, वे पूरी तैयारी के साथ मैदान पर उतरते हैं।"

डे ला फुएंते ने इस जीत का श्रेय किसी एक खिलाड़ी को देने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि स्पेन की सफलता पूरी टीम के प्रयासों का नतीजा है। कोच के अनुसार, जो खिलाड़ी मैदान पर उतरते हैं और जो बाहर से टीम का समर्थन करते हैं, सभी का योगदान बराबर है। उन्होंने कहा, "टीम सबसे ज्यादा जरूरी है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन मैच शुरू करता है। हर खिलाड़ी की अपनी अहमियत है, यहां तक कि उन खिलाड़ियों की भी जो मैदान पर नहीं उतरे।"

स्पेन के कोच ने टीम के अंदर अच्छे माहौल और आपसी सम्मान को भी सफलता का बड़ा कारण बताया। उन्होंने कहा कि उनकी टीम में दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ी हैं और साथ ही बेहतरीन इंसान भी हैं, जो एक-दूसरे के लिए काम करना जानते हैं। डे ला फुएंते ने कहा, "हमारे खिलाड़ियों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वे अपने रोल को समझते हैं। वे टीम के लिए सोचते हैं और एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। यही वजह है कि टीम इतने अच्छे तरीके से आगे बढ़ रही है।"

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल मुकाबले में स्पेन की भिड़ंत अब मंगलवार को फ्रांस से होगी। फ्रांस को टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीमों में से एक माना जा रहा है। डे ला फुएंते ने माना कि यह मुकाबला बेहद चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन उनकी टीम पूरी तैयारी के साथ मैदान पर उतरेगी। कोच ने कहा कि फ्रांस के पास शानदार प्रतिभा और अनुभव है, लेकिन स्पेन भी अपनी क्षमता दिखा चुका है। उन्होंने कहा, "यह एक कड़ा मुकाबला होगा, जिसमें ऊर्जा और फिटनेस की जरूरत होगी। हम यहां तक पहुंचे हैं और अब अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे।"