भोपाल। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक विशेष ऑडियो संदेश जारी कर पिछले एक महीने के दौरान अपने राष्ट्रव्यापी कार्यक्रमों, आम जनता से मुलाकातों और उठाए गए मुख्य मुद्दों का विस्तृत ब्योरा दिया है। इस संदेश में उन्होंने मध्य प्रदेश के सामाजिक और शैक्षणिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए प्रदेश सरकार और केंद्र पर कई गंभीर सवाल खड़े किए।


"सिस्टम को अंधभक्त चाहिए, छात्र नहीं" — इंदौर में छात्रों से संवाद का जिक्र

राहुल गांधी ने इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ हुई बातचीत को अपने संदेश में प्रमुखता से रेखांकित किया: उन्होंने कहा कि इंदौर में छात्रों के साथ सत्य निकेतन की त्रासदी, शिक्षा बजट में हो रही कटौती और सरकारी छात्रावासों की भारी कमी जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। परीक्षार्थियों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और बुनियादी सुविधाओं के अभाव की बात रखी। आरएसएस और भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश के शिक्षण संस्थानों पर एक खास विचारधारा का कब्जा कराया जा रहा है। उन्होंने कहा, "सिस्टम को अंधभक्त चाहिए, छात्र नहीं।"


27% ओबीसी आरक्षण और बालाघाट में कुपोषण का दर्द

मध्य प्रदेश के दौरों और प्रशासनिक पत्राचार का ब्योरा देते हुए नेता प्रतिपक्ष ने राज्य के दो बेहद संवेदनशील मुद्दों को उजागर किया: इंदौर कार्यक्रम के बाद उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 27% आरक्षण को पूरी तरह और तत्काल लागू करने की मांग की। राहुल गांधी ने बालाघाट जिले का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने उन आदिवासी परिवारों से मुलाकात की, जिन्होंने कुपोषण और समय पर इलाज न मिलने से उत्पन्न बीमारियों के कारण अपने मासूम बच्चों को खो दिया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि कुछ दुख ऐसे होते हैं, जिनके सामने शब्द भी कम पड़ जाते हैं और बालाघाट में उनका मुख्य उद्देश्य उन पीड़ित परिवारों का दर्द बांटना और उनकी आवाज बनना था।


महाराष्ट्र, दिल्ली और चुनावी शुचिता पर भी बोला हमला

ऑडियो संदेश में राहुल गांधी ने देश के अन्य हिस्सों में अपने कार्यक्रमों और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का मुद्दा भी उठाया: महाराष्ट्र के नासिक में भूख हड़ताल कर रहे आदिवासी छात्रों से मुलाकात का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा था, जिसके बाद हॉस्टल से जुड़ी आयु सीमा का फैसला वापस लिया गया। इसके साथ ही MPSC परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे युवाओं का भी समर्थन किया।


दिल्ली की बेला एस्टेट झुग्गी बस्ती का उदाहरण देते हुए उन्होंने दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया के बाद सैकड़ों लोगों ने अपना वोट देने का अधिकार खो दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट की चोरी से कानून की चोरी होती है और फिर लोकतांत्रिक संस्थाओं पर कब्जा किया जाता है। उन्होंने इसे सीधे तौर पर संविधान पर हमला करार देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई। संदेश के अंत में उन्होंने 30 सितंबर को नई दिल्ली में इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) की बैठक, रायबरेली में 'दिशा' समिति की बैठक, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से मुलाकात और गांधी जयंती पर राजघाट में श्रद्धांजलि अर्पित करने का भी उल्लेख किया।