छतरपुर, विनोद मिश्रा। दीपावली पर्व से पहले छतरपुर शहर के घनी आबादी वाले इलाके में भारी मात्रा में पटाखों के अवैध भंडारण का मामला सामने आने से सनसनी फैल गई है। शहर के बाईपास रोड पर स्थित संदीप ट्रांसपोर्ट के गोदाम में पटाखों का बड़ा जखीरा रखे होने की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस ने मौके पर दबिश दी। थाना प्रभारी सतीश सिंह के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीम ने गोदाम को अपने घेरे में लेकर आतिशबाजी के परिवहन और भंडारण से संबंधित वैध दस्तावेजों की पड़ताल शुरू कर दी है। रिहायशी बस्ती के बेहद करीब ज्वलनशील सामग्री की इतनी बड़ी खेप मिलने के बाद पुलिस ने गोदाम को सील करने की वैधानिक प्रक्रिया तेज कर दी है।

प्राथमिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि पटाखों की यह बड़ी खेप ग्वालियर से ट्रक के माध्यम से छतरपुर भेजी गई थी। मामले में प्रभात गुप्ता, प्रतीक रावत और प्रेमचंद गुप्ता के नाम सामने आ रहे हैं। प्रारंभिक पड़ताल के अनुसार, ट्रांसपोर्ट के जरिए यह कंसाइनमेंट प्रतीक रावत के नाम से बुक होकर आया था। हालांकि, गोदाम के अंदर कुल कितने कार्टन और कितनी मात्रा में बारूद व पटाखे मौजूद हैं, इसकी सटीक गणना और अधिकृत पुष्टि दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही हो सकेगी।

जानकारी के अनुसार, जिस परिसर में यह आतिशबाजी डंप की गई थी, वह भवन विनोद कुशवाहा के स्वामित्व का है। इस भवन को बृजेश वर्मा ने किराए पर ले रखा था और वे यहां संदीप ट्रांसपोर्ट के नाम से माल ढुलाई व भंडारण का कार्य संचालित करते हैं। रिहायशी क्षेत्र के नजदीक स्थित इस ट्रांसपोर्ट गोदाम में बिना सुरक्षा इंतजामों और आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के विस्फोटक सामग्री रखे जाने से आसपास के लोगों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा था।


गोदाम सील करने की प्रक्रिया शुरू, दस्तावेजों की जांच जारी

शहर के बीचों-बीच विस्फोटक अधिनियम के संभावित उल्लंघन को देखते हुए सिटी कोतवाली पुलिस बेहद सतर्कता बरत रही है। थाना प्रभारी सतीश सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्पष्ट किया कि ज्वलनशील सामग्री के सुरक्षित परिवहन, वैध ई-वे बिल और जिला प्रशासन से भंडारण की अनुमति से जुड़े सभी कागजात मांगे गए हैं। सुरक्षा मानकों की अनदेखी और घनी आबादी में जोखिम को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा गोदाम को विधिवत सील करने की कार्रवाई की जा रही है।