सागर, अंकुर यादव। सागर जिले के बण्डा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने के कारण हुईं 32 मौतों के बाद सरकार के सख्त निर्देश मिलने पर पुलिस और प्रशासन अब एक्शन में नजर आ रहा है। हालांकि यही एक्शन अगर इन मौतों के पहले दिखाया जाता तो शायद इतने सारे लोगों को अपनी जान नहीं गवानी पड़ती। बण्डा क्षेत्र के ततरवारा गांव में खुलेआम एक खेत पर जहरीली शराब की फैक्ट्री चलती रही तब पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया लेकिन जब इसी शराब फैक्ट्री से निकला जहर लोगों की जान ले चुका था तब पुलिस और प्रशासन की नींद खुली। हरकत में आए प्रशासन ने अब जहरीली शराब का फार्मूला बांटकर गांव-गांव मौत बांटने वाले इस शराब कांड के मुख्य आरोपियों में से एक रवि लखेरा को शॉर्ट एनकाउण्टर के बाद गिरफ्तार कर लिया है।
सागर पुलिस का कहना है कि लोगों की मौत होने के बाद रवि लखेरा को इस मामले में आरोपी बनाया गया था और उस पर डीआईजी ने 20 हजार रूपए का इनाम घोषित कर रखा था। इनाम घोषित होने के बाद से ही छतरपुर का रहने वाला मप्र का यह कुख्यात शराब माफिया फरार चल रहा था। इस माफिया की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें रात-दिन खाक छान रही थीं। इसी बीच 10-11 सितम्बर की दरम्यानी रात सागर पुलिस को खबर मिली कि रवि लखेरा बरायठा के जंगलों के पास से गुजरने वाला है। वह इस रास्ते से जिले की सीमा छोडऩे वाला था तभी पुलिस को लगी सूचना के बाद उसे घेर लिया गया। पुलिस टीम का हिस्सा रहे बीना टीआई अनूप यादव ने बताया कि पुलिस ने जब रवि लखेरा को घेरा तो उसके पास 12 बोर का एक अवैध शस्त्र था जिससे उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस को भी फायरिंग करनी पड़ी। पुलिस की एक गोली उसके पैर में लगी जिसके बाद वह गिर गया और फिर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अस्पताल पहुंचाया। पुलिस सूत्र बताते हैं कि रवि लखेरा की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार चारों तरफ सर्चिंग अभियान चला रही थीं इसी बीच उसकी सूचना मिल गई। बहरहाल 11 सितम्बर को रवि लखेरा को अस्पताल ले जाकर इलाज कराया गया। खबर है कि उसे सागर मेडिकल कॉलेज में अग्रिम इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। पुलिस ने रवि लखेरा पर हत्या के प्रयास, अवैध हथियार रखने, पुलिस पर हमला करने जैसी गंभीर धाराओं में भी मुकदमा दर्ज किया है।
मौत का फार्मूला रवि ने बांटा
पुलिस के हत्थे चढ़े 20 हजार के इनामी बदमाश रवि लखेरा पर गंभीर आरोप हैं। कभी महिलाओं के नाजुक हाथों में चूडिय़ां पहनाकर अपने परिवार के परंपरागत कारोबार का हिस्सा रह चुके रवि लखेरा ने पिछले 30 वर्षों में अवैध शराब कारोबार का एक बड़ा साम्राज्य खड़ा कर दिया है। छतरपुर जिले में 20 से ज्यादा मुकदमों में वांछित रहने के बाद रवि लखेरा ने मप्र को छोड़कर उप्र के ललितपुर में अपना नया ठिकाना बनाया था। 5 करोड़ की हवेली में रहने वाला रवि लखेरा शराब के इसी कारोबार के बलबूते पर रातोंरात करोड़पति बन चुका है। इसी रवि लखेरा के द्वारा शराब के वैध और अवैध धंधों के साथ-साथ अब अवैध शराब निर्माण की फैक्ट्री भी ललितपुर में शुरू कर दी गई थी।
इस मामले को लेकर जो तथ्य सामने आ रहे हैं उसके मुताबिक रवि लखेरा ने हरियाणा और ग्वालियर के कुछ शराब निर्माताओं से मिलकर ललितपुर में नकली शराब बनाने की फैक्ट्री शुरू की थी। इसी फैक्ट्री में उसने मैथनॉल मिलाकर शराब बनाने की विधि अपनायी और फिर यही विधि रवि लखेरा के माध्यम से बण्डा काण्ड के मुख्य आरोपी चन्द्रभान राजपूत तक पहुंच गई। चन्द्रभान राजपूत ने ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में सागर क्षेत्र में बिकने वाली सागर गोल्ड शराब का हुबहू नकली ब्राण्ड तैयार किया और फिर इसी सागर गोल्ड को बनाने के लिए बण्डा क्षेत्र के ततरवारा गांव में चन्द्रभान राजपूत ने अपनी खुद की फैक्ट्री शुरू कर दी। चन्द्रभान राजपूत की फैक्ट्री से निकलने वाला ये जहर बरेठी के शराब ठेकेदार मनीष लोधी के माध्यम से बण्डा क्षेत्र के दर्जनों गांव तक सप्लाई किया गया। पुलिस ने इस मामले में तीन मुख्य आरोपी रवि लखेरा, चन्द्रभान राजपूत और मनीष लोधी के साथ-साथ 27 उन लोगों को भी आरोपी बनाया है जो जहरीली शराब की इसी सप्लाई चैन से जुड़े हुए थे। मौतों के बाद पुलिस ने 30 में 18 लोगों की गिरफ्तारी कर ली है। लगभग 12 लोग अब भी फरार हैं, कहा जा रहा है कि चन्द्रभान राजपूत की फैक्ट्री में शराब बनाने वाला उसका एक साथी दिनेश लोधी भी इसी जहरीली शराब को पीने के कारण मारा जा चुका है। पुलिस इस मामले में ताबड़तोड़ एक्शन लेते हुए चन्द्रभान राजपूत, मनीष लोधी और आशीष साहू के अवैध मकानों को भी जमींदोज कर चुकी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सागर जिले का दौरा करते हुए साफ निर्देश दिए थे कि इस मामले सख्त कार्यवाही होगी और अब एसपी अनुराग सुजानिया अपनी कार्यवाहियों से इस मामले के आरोपियों पर कहर बरपा रहे हैं। पुलिस सूत्र बताते हैं कि इस मामले में अभी और आरोपी भी बढ़ाए जाएंगे। क्योंकि अभी पुलिस उन तक नहीं पहुंच पायी है जिन लोगों ने ततरवारा में चलने वाली शराब फैक्ट्री के लिए नकली सामग्री सप्लाई की है। बहरहाल पुलिस की फाइल में अब तक जहरीली शराब से होने वाली मौतों की संख्या लगभग 16 पहुंच पायी है जबकि स्थानीय जानकारियों और विपक्ष के आरोपों के मुताबिक मरने वालों की संख्या 32 हो चुकी है। बण्डा क्षेत्र में हुईं इन मौतों के बाद पुलिस आगे क्या एक्शन लेती है इस पर भी हमारी नजर बनी रहेगी। आप पेप्टेक टाइम पर बने रहें।




