हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बुधवार को इस बात की पुष्टि की कि राज्य को वैश्विक निवेश के लिए सर्वश्रेष्ठ गंतव्य के रूप में बढ़ावा दिया जाएगा।
रेवंत रेड्डी ने समाख्या चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित वैश्विक शिखर सम्मेलन में भाग लेते हुए कहा कि हमारा संकल्प है कि तेलंगाना को वैश्विक निवेश के लिए सर्वश्रेष्ठ गंतव्य बनाया जाए। हमारा लक्ष्य भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में तेलंगाना के योगदान को वर्तमान पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करना है।
मुख्यमंत्री ने 'तेलंगाना राइजिंग: 2047 विजन डॉक्यूमेंट' और राज्य सरकार के क्योर, प्योर और रेयर क्षेत्रों को लागू करने के मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य 2034 तक तेलंगाना राज्य को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और 2047 तक तीन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में बदलना है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमने राज्य को तीन क्षेत्रों में विभाजित करके विकसित करने की योजना बनाई है: 'क्योर, प्योर और रेयर'।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हैदराबाद आउटर रिंग रोड (ओआरआर) के अंतर्गत आने वाले कोर अर्बन रीजन इकोनॉमी (सीयूआरई) क्षेत्र को आईटी, सेवा क्षेत्रों के साथ-साथ अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ओआरआर और क्षेत्रीय रिंग रोड (आरआरआर) के बीच स्थित पेरी-अर्बन रीजन इकोनॉमी (पीयूआरई) विनिर्माण उद्योगों, औद्योगिक पार्कों और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को बढ़ावा देगी। वहीं, ग्रामीण कृषि क्षेत्र अर्थव्यवस्था (आरएआरई) कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि आधारित उद्योगों और ग्रामीण रोजगार पर ध्यान केंद्रित करेगी।
यह कहते हुए कि भारत 2047 तक स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे कर लेगा, मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री मोदी 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य की दिशा में काम कर रहे हैं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए राज्यों का सहयोग महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा मुख्य ध्यान विकास पर है और राजनीति केवल चुनाव के दौरान ही सीमित रहनी चाहिए।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे हैदराबाद शहर एक विश्व स्तरीय शहर में परिवर्तित हुआ।
उन्होंने कहा कि 400 साल पहले, प्रसिद्ध चारमीनार भारत और विदेश के उद्यमियों के लिए एक मील का पत्थर बन गया था। चारमीनार के बाद, एचआईटीईसी सिटी निवेश की दुनिया के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा।
तेलंगाना विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निवेशकों से राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार अनुकूल नीतियों का पालन करते हुए निवेश को आवश्यक समर्थन और संरक्षण प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय उद्यमियों को भी नई औद्योगिक नीति में भागीदार बनना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अब तक, हमारे निवेशक मुख्य रूप से कॉर्पोरेट कंपनियों को सेवाएं प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करते रहे हैं। हमारे क्षेत्र के लोगों को निवेश करना चाहिए और वैश्विक स्तर पर विकास करना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि आधुनिक समय में व्यावसायिक प्रथाओं को समझने और नई पद्धतियों को अपनाने में चैंबर्स की भूमिका महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने जनता की सरकार (तेलंगाना सरकार का जिक्र करते हुए) द्वारा शुरू की गई महिला सशक्तिकरण योजनाओं का उल्लेख करते हुए चैंबर ऑफ कॉमर्स को सुझाव दिया कि वे युवा और महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करें ताकि देश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।
उन्होंने आगे कहा कि हमने महिलाओं को 61,000 करोड़ रुपए के बैंक लिंकेज ऋण उपलब्ध कराए हैं और उन्हें क्षेत्रीय परिवहन निगम की बसों, पेट्रोल पंपों और सौर ऊर्जा संयंत्रों का मालिक बनने के लिए सशक्त बनाया है।














